फ्लाईदुबई मामले में जांच तेज, सुरक्षा व्यवस्था की खामियों ने बढ़ाई चिंता; कई पहलुओं की पड़ताल जारी

फ्लाईदुबई विमान में हुए हमले के मामले की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी सह-पायलट ने यह कदम अकेले उठाया था या इसके पीछे किसी आतंकी संगठन अथवा अन्य लोगों की भूमिका थी। जांच में आरोपी के चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
चरमपंथी प्रचारक के संपर्क में होने का दावा
इस्राइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी सह-पायलट हाल के वर्षों में एक चरमपंथी प्रचारक के प्रभाव में था। बताया गया है कि वह धार्मिक कट्टरता से प्रभावित था और महिला सहकर्मियों से हाथ मिलाने से भी परहेज करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उसकी गतिविधियों का किसी संगठित आतंकी नेटवर्क से संबंध था।
विमान को किसी बड़े लक्ष्य से टकराने की आशंका
जांच में यह भी सामने आया है कि विमान एक समय तेजी से नीचे की ओर गया था। एजेंसियां इस संभावना की जांच कर रही हैं कि आरोपी विमान को जॉर्डन के रेगिस्तान में क्रैश करना चाहता था या फिर किसी महत्वपूर्ण सैन्य अथवा रणनीतिक ठिकाने को निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।
नौ महीने पहले ही फ्लाईदुबई से जुड़ा था आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी सह-पायलट ने करीब नौ महीने पहले फ्लाईदुबई में काम शुरू किया था। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विमान कंपनी से जुड़ने के पीछे उसका कोई पूर्व निर्धारित उद्देश्य तो नहीं था। फ्लाईदुबई उन अमीराती एयरलाइनों में शामिल है जो इस्राइल के लिए उड़ानें संचालित करती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में सामने आई बड़ी चूक
मामले में इस्राइली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं रखने वाले देशों के पायलटों को तेल अवीव जाने वाली उड़ानों के संचालन की अनुमति नहीं होने का नियम था। इसके बावजूद ओमान के पायलटों द्वारा तेल अवीव के लिए उड़ानें संचालित किए जाने के मामले सामने आए।
बताया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने एयरलाइनों को नियमों की जानकारी दी थी, लेकिन उसके पालन की जिम्मेदारी एयरलाइनों पर छोड़ दी गई थी। इसी वजह से नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी रह गई। घटना के बाद सरकार ने हवाई यात्रा से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।





