कारण बताओ नोटिस को लेकर हिंदू कॉलेज में विवाद, स्टाफ एसोसिएशन ने प्रशासन पर उठाए सवाल

दिल्ली के हिंदू कॉलेज में कॉलेज प्रशासन और स्टाफ एसोसिएशन के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद स्टाफ एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को आपात बैठक बुलाकर नोटिस पर आपत्ति जताई।
एसोसिएशन के अनुसार, नोटिस पाने वाले तीनों शिक्षक 18 अगस्त और 8 सितंबर को हुई बैठकों में लिए गए सामूहिक फैसलों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ऐसे में उन्हें व्यक्तिगत रूप से कारण बताओ नोटिस जारी करना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने इसे संगठन की भूमिका को कमजोर करने वाला कदम बताया।
शिक्षकों को कानूनी सहायता देने का फैसला
बैठक में नोटिस पाने वाले शिक्षकों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। साथ ही कॉलेज में लंबे समय से चल रहे धरने को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
स्टाफ एसोसिएशन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई का विरोध करने की बात कही है।
प्राचार्य और उप-प्राचार्य की सदस्यता हटाने का प्रस्ताव
बैठक में प्राचार्य प्रो. अंजू श्रीवास्तव और उप-प्राचार्य प्रो. रीना जैन को स्टाफ एसोसिएशन की सदस्यता से हटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षकों पर प्रशासन तथा उसके निर्देश पर काम कर रहे लोगों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, कॉलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में उसका पक्ष सामने आना बाकी है।
फिलहाल कारण बताओ नोटिस और प्रदर्शन को लेकर कॉलेज में प्रशासन तथा स्टाफ एसोसिएशन के बीच विवाद जारी है।





