राम मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता के चयन पर असमंजस, नाम को लेकर बनी हुई है सहमति की कमी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रवक्ता के चयन को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है। ट्रस्ट की पिछली बैठक में प्रवक्ता पद के लिए एक नाम पर चर्चा हुई थी, लेकिन पदाधिकारियों के बीच एकराय नहीं बनने के कारण फैसला टाल दिया गया। अब दो दिसंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के अनुसार, प्रवक्ता के लिए ऐसे व्यक्ति का चयन किया जाएगा, जिसे राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी हो। साथ ही, मंदिर से जुड़े विषयों की प्रमाणिक जानकारी रखने और उसे प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का अनुभव भी जरूरी होगा।
सूत्रों के मुताबिक, प्रवक्ता पद के लिए विश्व हिंदू परिषद से जुड़े एक पदाधिकारी के नाम की ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों ने संस्तुति की थी। हालांकि, ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी इस नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं बताए जा रहे हैं। इसी वजह से पिछली बैठक में चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
ट्रस्ट को क्यों है अधिकृत प्रवक्ता की जरूरत?
राम मंदिर निर्माण के साथ ट्रस्ट की गतिविधियों, व्यवस्थाओं और महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की जरूरत बढ़ी है। ऐसे में ट्रस्ट एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करना चाहता है, जो मंदिर से जुड़े मामलों पर ट्रस्ट का आधिकारिक पक्ष रख सके और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध करा सके।
सूत्रों का कहना है कि दो दिसंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तावित नाम पर सहमति बनने के बाद प्रवक्ता के नाम की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल इस पद पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।





