यूपी में ओपी राजभर के बयान से मचा सियासी बवाल, अपराध पर यादव और मुस्लिम को लेकर दिया विवादित बयान

उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के एक बयान ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। गाजीपुर के कासिमाबाद में आयोजित एनडीए की चौपाल को संबोधित करते हुए राजभर ने दावा किया कि 2026 में प्रदेश में हुई अधिकांश आपराधिक घटनाओं में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे हैं।
राजभर ने कहा कि जिन लोगों पर अपराध के आरोप लग रहे हैं, वही सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और कई मामलों में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनके लिए सत्ता में वापसी आसान नहीं होगी।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिजनौर, कैराना और गाजियाबाद में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति से मुक्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और अब किसान, व्यापारी तथा बेटियां पहले से अधिक सुरक्षित हैं।
कैराना में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी और डेमोग्राफी बदलने की कोशिशें की गईं। वहीं गाजियाबाद में उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान अब गुंडागर्दी नहीं, बल्कि एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे की बड़ी परियोजनाओं से बन रही है।
ओमप्रकाश राजभर के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि सत्तापक्ष इसे कानून-व्यवस्था के मुद्दे से जोड़कर देख रहा है।





