फर्जी साइन कर निकाले लाखों रुपए, संस्था के तीन पदाधिकारी घिरे

अलवर में एक सामाजिक संस्था के बैंक खाते से करीब 22 लाख रुपए की कथित हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में अरावली विहार थाना पुलिस ने तीन पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित कई धाराएं लगाई गई हैं।
गोविंदगढ़ निवासी और संस्था के पूर्व सचिव अशोक गुगनानी ने आरोप लगाया कि मत्स्य मेवात शिक्षा और विकास संस्थान के बैंक ऑफ बड़ौदा, अरावली विहार शाखा स्थित खाते से फर्जी दस्तावेज और कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए करीब 22 लाख रुपए निकाले गए।
परिवाद के अनुसार संस्था के सचिव डॉ. वीरेंद्र माथुर की 2023 में मृत्यु के बाद सचिव पद के अधिकार उन्हें मिलने थे, लेकिन मौलाना हनीफ, अनूप दायमा और समर्थलाल मीणा ने कथित रूप से फर्जी बैठक कर खुद को संस्था का अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष घोषित कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने बैंक में फर्जी प्रस्ताव और सदस्यों के नकली हस्ताक्षर जमा कर खुद को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनवाया।
अशोक गुगनानी का कहना है कि मामले की शिकायत पहले अरावली विहार थाने और बाद में पुलिस अधीक्षक अलवर से भी की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
वहीं संस्था के कोषाध्यक्ष समर्थलाल मीणा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संस्था में संचालक वीरेंद्र विद्रोही की मृत्यु के बाद से विवाद और खींचतान चल रही है। उनका दावा है कि अशोक गुगनानी ने खुद कार्यकारिणी पर हस्ताक्षर किए थे और आपसी सहमति नहीं बनने पर अब गबन और फर्जी हस्ताक्षर के आरोप लगाए जा रहे हैं।





