ग्लोबल तनाव के दौर में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बना अर्थव्यवस्था की ताकत

पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि देश का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और फिनटेक सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यूपीआई, आधार और डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे डीपीआई मॉडल ने देश में लेनदेन को तेज और आसान बनाया है। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

फिनटेक कंपनियों के जरिए छोटे कारोबारियों और आम लोगों तक तेजी से वित्तीय सेवाएं पहुंच रही हैं। डिजिटल लोन, ऑनलाइन भुगतान और माइक्रो फाइनेंस जैसी सुविधाओं ने आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने में मदद की है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की घरेलू मांग और डिजिटल नेटवर्क अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में सहायक साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि भारत अन्य देशों की तुलना में बाहरी संकटों का बेहतर तरीके से सामना कर पा रहा है।

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