त्रिपुरा में लोकतंत्र का महापर्व, TTAADC चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Tripura में लंबे समय तक चले जोरदार चुनाव प्रचार के बाद आज (रविवार) एक अहम राजनीतिक परीक्षा हो रही है। त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के लिए मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जा रहा है। राज्य चुनाव आयोग और प्रशासन ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 30 सदस्यों वाली इस परिषद में 28 सदस्य जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि दो सदस्यों को राज्य सरकार नामित करती है। TTAADC त्रिपुरा के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र का प्रशासन संभालती है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
इस चुनाव में कुल 9,62,697 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 4,80,666 महिला मतदाता शामिल हैं। आदिवासी बहुल इलाकों में होने वाले इस चुनाव को सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
राज्य के आठ जिलों में फैली 28 सीटों पर कुल 173 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), माकपा के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस के साथ-साथ क्षेत्रीय दल टिपरा मोथा पार्टी (TMP) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) भी पूरी ताकत के साथ उतरे हैं। इसके अलावा 38 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण को रोचक बना रहे हैं।
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक अनुराग के अनुसार, 13,500 से अधिक केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 24 कंपनियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
TTAADC चुनाव को राज्य विधानसभा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच माना जाता है। इसके नतीजे न केवल आदिवासी क्षेत्रों की राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी संकेत देंगे।





