क्या खत्म हुआ अयातुल्ला खामेनेई का दौर? ट्रंप के बड़े दावे, तेहरान ने कहा- ऑल इज वेल

दुनिया की नजरें इस वक्त तेहरान के आसमान पर टिकी हैं, जहाँ बारूद की गूँज के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। इज़राइली अधिकारियों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने संकेत दिए हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। इज़राइल का दावा है कि उनके घातक हवाई हमलों ने न केवल मिसाइल ठिकानों को ध्वस्त किया, बल्कि ईरानी सत्ता के शीर्ष स्तंभ को भी गिरा दिया है। वहीं, ईरान इसे ‘मानसिक युद्ध’ करार देकर सिरे से खारिज कर रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान का वह नेतृत्व जो अब तक सारे फैसले लेता था, वह काफी हद तक खत्म हो चुका है। इस अनिश्चितता ने वैश्विक राजनीति में एक ऐसा भूचाल ला दिया है, जिसकी लपटें अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में लेने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप का ‘एनबीसी’ को बड़ा बयान: “हमें लगता है कि खामेनेई की मौत की खबर सही है”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक का सबसे स्पष्ट और चौंकाने वाला बयान दिया है। एनबीसी न्यूज़ से बातचीत के दौरान जब उनसे खामेनेई की कथित हत्या के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हमें विश्वास है कि यह जानकारी सटीक है।” ट्रंप ने आगे दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल के साझा सैन्य अभियानों ने ईरानी शासन के ऊपरी ढांचे को ‘साफ’ कर दिया है। उनके अनुसार, ईरान के वे वरिष्ठ अधिकारी जो दशकों से रणनीति बना रहे थे, अब अस्तित्व में नहीं हैं। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास अभी 100% आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने इसे एक “बेहद शक्तिशाली प्रहार” करार दिया। ट्रंप की इस टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है, क्योंकि अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे बड़ी घटना होगी।
इज़राइल का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ मोड: सात टॉप कमांडरों के खात्मे का दावा और तेहरान में सायरन
इज़राइली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने टेलीविजन पर आकर उन हमलों की पुष्टि की है,इजरायली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने अभी-अभी टेलीविजन पर एक संबोधन दिया है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि इजरायल ने आज ईरान पर हुए हमलों में कई शीर्ष ईरानी अधिकारियों को मार गिराया है। जिन लोगों की हत्या करने का दावा इजरायल ने किया है, उनमें सबसे प्रमुख अली शमखानी हैं, जो ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व सचिव और सर्वोच्च नेता खामेनेई के करीबी सलाहकार थे। शमखानी जून 2025 में तेहरान स्थित अपने घर पर हुए इजरायली हमले में बाल-बाल बच गए थे। डेफ्रिन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडर मोहम्मद पाकपुर और ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह की हत्या करने का भी दावा किया। उन्होंने आगे कहा कि इजरायली युद्धक विमानों ने ईरान भर में कई स्थानों को निशाना बनाया, खासकर मिसाइल लॉन्चर स्थलों को। इससे पहले रॉयटर्स समाचार एजेंसी और इजरायली मीडिया ने अज्ञात वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि ईरान के सर्वाेच्च नेता खामेनेई की हत्या कर दी गई है।
ईरान की जवाबी चेतावनी: “इसे हम दुश्मनों का ‘मानसिक युद्ध’ मानते हैं”
इतने बड़े दावों के बीच ईरान का रुख बिल्कुल उलट है। तेहरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसियों (तसनीम और मेहर) का कहना है कि उनके सर्वोच्च नेता खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और वे “अडिग रहकर मैदान पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं।” ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा कि नेतृत्व सुरक्षित है। सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिका और इज़राइल को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के बहादुर सैनिक इस “नरकप्रिय” हमले का ऐसा अविस्मरणीय सबक सिखाएंगे कि दुनिया देखती रह जाएगी। ईरान का आरोप है कि इज़राइल केवल प्रोपेगेंडा फैलाकर उनके देश में अस्थिरता पैदा करना चाहता है। फिलहाल, सच्चाई और दावों के बीच फंसी यह जंग एक ऐसे मोड़ पर है जहाँ से शांति की कोई राह नज़र नहीं आ रही।





