ईरान के रक्षा मंत्री के मौत का दावा, मासूमों पर बरसे बम, भारत ने जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में बारूद की गूँज अब दुनिया की महाशक्तियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रही है। ताज़ा घटनाक्रम में इज़राइली वायुसेना के सटीक हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरज़ादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर की मौत का दावा किया जा रहा है। इस खबर ने तेहरान के सत्ता गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। वहीं, जंग की सबसे दर्दनाक तस्वीर दक्षिणी ईरान से आई है, जहाँ लड़कियों के एक स्कूल पर हुई बमबारी में 50 से ज़्यादा मासूम छात्राओं की जान चली गई है। युद्ध की इस बढ़ती आग को देखते हुए भारत सरकार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए यूएनएससी (UNSC) की आपात बैठक बुलाई है, जिससे साफ है कि यह संघर्ष अब वैश्विक स्तर पर फैल चुका है।
ईरानी नेतृत्व पर करारा प्रहार और मासूमों का कत्लेआम: दहला देने वाली रिपोर्ट्स
रॉयटर्स के अनुसार, सैन्य अभियानों से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इज़राइल ने ईरान के रणनीतिक नेतृत्व को खत्म करने की योजना के तहत रक्षा मंत्री और प्रमुख सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया है। हालांकि ईरान की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है, लेकिन इन मौतों के दावों ने युद्ध की दिशा बदल दी है। इसी बीच, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोरते हुए बताया कि इज़राइल ने दिनदहाड़े एक ऐसे स्कूल को निशाना बनाया जो छोटी बच्चियों से भरा हुआ था। इस हमले में दर्जनों बच्चों की शहादत हुई है, जिसे ईरान ने ‘अक्षम्य अपराध’ करार दिया है। युद्ध की ये लपटें अब स्कूलों और रिहाइशी इलाकों तक पहुँच गई हैं, जिससे आम नागरिकों के बीच भारी दहशत है।
भारत की बढ़ी मुश्किलें: विमानों के रूट और नागरिकों की सुरक्षा पर संकट
मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात ने भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नींद उड़ा दी है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से ही पाकिस्तानी एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद है, जिसके कारण अधिकतर उड़ानें ईरान और खाड़ी देशों के ऊपर से होकर गुज़रती थीं। अब ईरान में युद्ध शुरू होने से एयर-ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा गया है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहले ही बंद हो चुका है और उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए टल गई हैं। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे खाड़ी क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम से बेहद चिंतित हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि बातचीत और कूटनीति ही इस संकट का एकमात्र समाधान है। खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि वहां रहने वाले भारतीयों को हरसंभव मदद और सुरक्षा दी जा सके।
रूस की सक्रियता और पाकिस्तान का रुख: विश्व शक्तियों के बीच खिंची युद्ध रेखा
जंग के बीच रूस की एंट्री ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। राष्ट्रपति पुतिन ने सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ईरान की स्थिति पर चर्चा की है। रूस इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाकर तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है या फिर ईरान के पक्ष में खड़ा हो रहा है, यह आने वाला वक्त बताएगा। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री इशाक डार से संपर्क किया है। पाकिस्तान ने भी बिना नाम लिए ईरान पर हुए हमलों की निंदा की है। यूएई में मिसाइल मलबे से एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत ने भी तनाव को और हवा दी है। अब पूरी दुनिया की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति इस महाविनाश को रोक पाएगी या बारूद की यह आंधी सब कुछ राख कर देगी।
नोट- खबर एक्स कॉम पर इंटरनेशनल न्यूज एजेंसियों के इनपुट के आधार पर लिखी गई है।





