सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने गणतंत्र दिवस शिविर का किया दौरा, एनसीसी कैडेटों से संवाद

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को दिल्ली छावनी स्थित कारियाप्पा परेड कैंप में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय आयोजन के लिए चयनित कैडेटों से बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया।

शिविर के दौरे के अलावा सेना प्रमुख और एडब्लूडब्ल्यूए की अध्यक्ष सुनीता द्विवेदी ने आर्मी हाउस में कैडेटों का स्वागत किया। कैडेटों को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सामंजस्य को मजबूत करने में एनसीसी की अहम भूमिका की सराहना की। उन्होंने अनुशासन, दृढ़ता, कड़ी मेहनत और नेतृत्व को चरित्र निर्माण और उत्कृष्टता की नींव बताया।

जेन-जी शक्ति का भंडार : सेना प्रमुख

सेना प्रमुख ने कहा कि हाल की घटनाओं ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीय युवा क्या करने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा, “आप जेनरेशन-जेड की सबसे बड़ी और शक्तिशाली आबादी हैं। युवा शक्ति को अनुशासन, उद्देश्य और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ सही दिशा में ले जाना आवश्यक है।”

ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख

जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के संकल्प और संयम का प्रतीक है, जो सशस्त्र बलों और युवाओं की नैतिक शक्ति व पेशेवर उत्कृष्टता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान देशभर में 75 हजार से अधिक एनसीसी कैडेटों ने नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवा में स्वेच्छा से योगदान दिया।

मेधावी कैडेटों को किया सम्मानित

सेना प्रमुख ने चयनित मेधावी कैडेटों को सम्मानित किया और अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा कर उन्हें भारत के मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय सेना के अनुसार, इस संवाद के दौरान कैडेटों को वीरता पुरस्कार विजेताओं और खिलाड़ियों से मिलने का अवसर भी मिला, जिनमें सूबेदार मेजर एवं मानद लेफ्टिनेंट संजय कुमार, ओलंपियन होकाटो सेमा और जैस्मिनी शामिल हैं।

30 दिसंबर से शुरू हुआ गणतंत्र दिवस शिविर

राष्ट्रीय कैडेट कोर का एक महीने का गणतंत्र दिवस शिविर 30 दिसंबर को पारंपरिक ‘सर्व धर्म पूजा’ के साथ शुरू हुआ।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शिविर में सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, लघु शस्त्र फायरिंग, ध्वज क्षेत्र डिजाइनिंग और कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के लिए मार्चिंग टुकड़ी का चयन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

इस वर्ष के आरडीसी में अब तक की सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई है। शिविर में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से 898 महिला कैडेटों सहित 2,406 कैडेट शामिल हुए हैं। इसके साथ ही 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत भाग ले रहे हैं, जिससे शिविर को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिला है।

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