तेज रफ्तार कार ने छीन ली पिता की जिंदगी, फॉरेस्टर बेटे को बचाते हुए कुचले गए

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज रफ्तार में आई और टक्कर के बाद चालक ने वाहन रोका भी नहीं। 11 वर्षीय अनिरुद्ध ने अपने पिता को कार के नीचे 500 मीटर तक घसीटते देखा और चीखता रह गया। हादसे के बाद बच्चा सदमे में है।
वनपाल का परिवार शांतिकुंज में रहता है और उनका एक भाई विदेश में है। सूचना मिलते ही उनके मित्र, पूर्व कमिश्नर जितेंद्र नरूका सहित कई लोग अस्पताल पहुंचे।

कैसे हुआ हादसा?

जोगेंद्र सिंह रोजाना की तरह सुबह लगभग 6 बजे भवानीतोप चौराहे के पास टहलने निकले थे। तभी अचानक सामने से तेज रफ्तार में आती कार को देखकर उन्होंने तुरंत बेटे को साइड में धक्का दिया। लेकिन अगले ही पल कार ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

परिवार में शोक और आक्रोश

मृतक के पड़ोसी हेमपाल सिंह जादौन ने बताया कि जोगेंद्र सिंह के पिता विक्रम सिंह चौहान आरपीएफ में इंस्पेक्टर रह चुके हैं, जबकि जोगेंद्र सिंह वर्तमान में वन विभाग में फॉरेस्टर थे।
घटना को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

कार चालक की तलाश तेज

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। कार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।

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