बीमा रकम के लालच में भाई की हत्या: आरोपी को आजीवन कारावास, अदालत ने कड़ा रुख दिखाया

अलवर में एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने तीसरे आरोपी और मुख्य साजिशकर्ता अनिल खत्री को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो दिन पहले एडीजे कोर्ट संख्या-1 ने अन्य आरोपियों पवन और याकूब को भी आजीवन कारावास की सजा दी थी।
शुक्रवार को अदालत में पेश हुए अनिल को सुनवाई के बाद 20 हजार रुपए के अर्थदंड और तीन साल कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई।
उद्देश्यपूर्ण हत्या
कोर्ट ने कहा कि रामकेश की हत्या योजना बद तरीके से की गई थी। आरोपी बड़े इंश्योरेंस क्लेम के लालच में हत्या करने वाले थे, इसलिए नर्मी नहीं बरती जा सकती।
लापता भाई को मृत दिखाकर बीमा राशि हड़पने की साजिश
सरकारी वकील नवनीत तिवारी ने बताया कि अनिल का भाई सुनील लापता था। अनिल ने 60 लाख रुपए की LIC पॉलिसी पाने के लिए सुनील को मृत साबित करने की योजना बनाई। इसके लिए उसने पवन और याकूब के साथ मिलकर योजना बनाई कि सुनील जैसी कद-काठी वाले किसी युवक की हत्या कर उसके पहचान दस्तावेज की जेब में डाल दी जाए।
रामकेश को बनाया निशाना
तीनों आरोपियों ने सालपुर निवासी 24 वर्षीय रामकेश को चुना, जो महावीर ढाबे पर काम करता था। 30 सितंबर को उसे नए कपड़े और जूते दिलाकर बोलेरो में बैठाया गया और श्योदानपुरा के पास शराब पिला कर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या का खुलासा
अरोपियों ने रामकेश की जेब में सुनील खत्री का वोटर आईडी कार्ड रख दिया। शुरुआती जांच में पुलिस ने शव को सुनील समझ लिया था। बाद में रामकेश के परिचित ने उसे पहचान लिया, जिससे हत्या का सच सामने आया।
सदर थाना पुलिस ने अनिल और पवन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अनिल ने अपना अपराध स्वीकार किया और बताया कि उसने 60 लाख रुपए की बीमा राशि हड़पने के लिए हत्या की साजिश रची थी।





