उत्तराखंड कांग्रेस ने संगठन में किया संतुलन, जातीय समीकरण होंगे निर्णायक

उत्तराखंड कांग्रेस ने हाल ही में संगठन में बड़े बदलाव किए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय समीकरण के हिसाब से किया गया है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्गों को निर्णायक मानते हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस ने ब्राह्मण-ठाकुर वर्ग को प्रमुखता दी है। नए बदलावों के तहत ब्राह्मण-ठाकुर समुदाय के नेताओं का दबदबा 27 जिलाध्यक्षों में लगभग 60% है।

मुख्य बदलाव:

  • प्रदेश अध्यक्ष: गणेश गोदियाल (ब्राह्मण)
  • चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष: प्रीतम सिंह (एसटी)
  • चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष: हरक सिंह रावत (ठाकुर)

राजनीतिक पृष्ठभूमि

  • ठाकुर वोट में BJP की बढ़त: 2017 से 2022 के बीच ठाकुर वोट BJP के पक्ष में बढ़ा (53% → 60%)।
  • ब्राह्मण वोट में BJP की बढ़त: 52% → 63%, कांग्रेस घटकर 26%।
  • दलित वोट: कांग्रेस का समर्थन बढ़ा, BJP घटा।
  • कुल सवर्ण वोट (ठाकुर + ब्राह्मण): 60%, बाकी वर्ग: 40%।

विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस इस रणनीति के तहत ब्राह्मण-ठाकुर वोटर्स को रिझाने की कोशिश कर रही है, ताकि 2027 चुनाव में मजबूत स्थिति बन सके।

Related Articles

Back to top button