मां पूरी रात रोती रही, बेटे का इंतजार करते रहे पिता घर में नहीं जला चूल्हा

अलवर जिले के कफनवाड़ा गांव निवासी अजीत चौधरी की रूस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। 6 नवंबर को उसका शव बरामद हुआ, लेकिन चार दिन बाद भी रूस से भारत नहीं लाया जा सका है। बेटे के शव का इंतजार करते-करते मां और बहन की आंखों से आंसू सूख चुके हैं।
परिवार का कहना है कि रूस में भारतीय दूतावास से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है कि शव भारत कब तक पहुंचेगा। अजीत की मां रातभर बेटे को याद कर रोती रहती हैं। घर में पिछले 22 दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है।
19 अक्टूबर से था लापता
अजीत रूस के ऊफा शहर में बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। वह 19 अक्टूबर से लापता था। 20 अक्टूबर को कॉलेज कैंपस से कुछ दूर नदी किनारे उसके कपड़े मिले थे। 6 नवंबर को पास के बांध में शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने की।
प्रेम भंडारी ने संभाली जिम्मेदारी
नॉर्थ अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अजीत का शव भारत लाने की जिम्मेदारी ली है। परिवार ने उन्हें अधिकृत किया है। भंडारी ने बताया कि शव लाने में आने वाले लगभग 6 लाख रुपए की राशि इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
अगर दूतावास से सहायता नहीं मिलती है तो राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका खुद मदद करेगा। भंडारी ने कहा — “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अजीत का शव सम्मान के साथ भारत लाया जाए और परिवार को न्याय मिले।”





