पंजाब यूनिवर्सिटी की राजपत्रित अधिसूचना पर केंद्र ने रोका, लागू होने में देरी

केंद्र सरकार ने छात्रहित को ध्यान में रखते हुए पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के लिए 1 नवंबर 2025 को जारी नई सीनेट की राजपत्रित अधिसूचना फिलहाल लागू नहीं करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि विश्वविद्यालय की हालिया अधिसूचना तब तक प्रभावी नहीं मानी जाएगी, जब तक प्रशासनिक सुधारों के तहत नई अधिसूचना जारी नहीं होती। विश्वविद्यालय का कामकाज पहले की तरह यथावत चलता रहेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष और अन्य छात्र प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार को बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक मूल्य, शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्थागत अखंडता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। सभी सुधार प्रक्रियाओं में छात्रों की आवाज़ को प्राथमिकता दी जाएगी और निर्णय एनईपी 2020 के तहत पारदर्शी और समावेशी होंगे।

छात्रों की शिकायतों पर ध्यान देते हुए, विश्वविद्यालय ने हलफनामे पर हस्ताक्षर का आदेश वापस लिया और गर्ल्स हॉस्टल की मांग पर भी जल्द काम शुरू किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि सीनेट को भंग नहीं किया गया है, क्योंकि पिछली सीनेट पहले ही 31 अक्टूबर 2024 को समाप्त हो चुकी थी।

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