‘गृह मंत्री के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान अनुचित’, विपक्ष और रिटायर्ड जजों पर रिजिजू का पलटवार

नई दिल्ली:  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को बंगलूरू में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को असंवैधानिक और अनुचित करार दिया। रिजिजू ने कहा कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक है और रिटायर्ड जजों की भागीदारी से यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल में भी विचारधारात्मक झुकाव रखते थे।

रिजिजू ने कहा कि कुछ रिटायर्ड जजों ने गृह मंत्री के खिलाफ पत्र लिखे और अभियान शुरू किया, जो न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव एक राजनीतिक प्रक्रिया है। रिटायर्ड जजों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। इससे यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल में भी किसी खास विचारधारा से प्रभावित थे। यह ठीक नहीं है कि गृह मंत्री के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए।

कांग्रेस नेताओं की भाषा पर तीखा वार
रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा का नाम लेते हुए कहा कि यह रवैया लोकतंत्र और देश के भविष्य के लिए खतरनाक है। रिजिजू ने कहा, “हम लोकतांत्रिक लोग हैं और सम्मानपूर्वक बात करते हैं। लेकिन विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, यह उचित नहीं है।”

चुनाव आयोग और कांग्रेस की नाराजगी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा और एनडीए हमेशा संवैधानिक दायरे में चुनाव लड़ते हैं। जबकि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ती है। उन्होंने कहा कि अगर जनता आपको वोट नहीं दे रही तो चुनाव आयोग को कोसने का क्या मतलब? राहुल गांधी ने तीन चुनाव हारे हैं और अब उनका गुस्सा देश, जनता और संविधान पर निकल रहा है। यह जनता की पसंद है कि वे आपको वोट नहीं दे रहे, इसमें हमारी गलती नहीं।

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