भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने जांच पर उठाए सवाल; कहा- SIT पर किसका दबाव, सीएम जवाब दें

बंगलूरू:  कर्नाटक के धर्मस्थल मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। राज्य भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से साफ जवाब मांगा कि आखिर किसके दबाव में उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दो हफ्ते पहले साफ कहा था कि एसआईटी नहीं बनेगी, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने अपना रुख बदल दिया। ऐसे में यह सवाल उठता है कि उन्हें एसआईटी बनाने के लिए किसने मजबूर किया।

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक गुमनाम शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसे कई शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। इसके बाद SIT की ओर से शवों का उत्खनन कराया गया। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुखौटा पहनकर बयान देने वाले इस शिकायतकर्ता ने खुद कहा था कि उस पर दबाव डाला गया, जिससे पूरी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने इसे धर्मस्थल मंदिर और उसकी आस्था पर “साजिश” करार दिया।

सरकार की भूमिका पर सवाल
विजयेंद्र ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के हालिया बयान का जिक्र भी किया। शिवकुमार ने कहा था कि इस पूरे मामले के पीछे “बड़ी साजिश” है। भाजपा अध्यक्ष ने मांग की कि शिवकुमार स्पष्ट करें कि इस साजिश में कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच जिस तरह चलाई गई और जिस तरह इस मामले को राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रचारित किया गया, उससे करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।

भाजपा का हमला और विपक्ष में रणनीति
विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा विधायक इस मुद्दे पर विधानसभा में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृहमंत्री जी. परमेश्वर से जवाब मांगेंगे। उनका आरोप है कि धर्मस्थल मंदिर के विरोधी संगठन इस विवाद के पीछे हैं और वे भाजपा राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और आरएसएस नेताओं को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिकायतकर्ता और उसके पीछे खड़े लोगों की जांच की जाए।

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