कांग्रेस का आरोप- मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए सुरेश गोपी ने दिया झूठा हलफनामा

त्रिशूर : कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि गोपी ने 2024 के आम चुनाव में त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए झूठा हलफनामा दिया। इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टी ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है। पूर्व लोकसभा सांसद टी. एन. प्रतापन के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक दल ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और गोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की।
प्रतापन ने शिकायत देने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सुरेश गोपी ने अधिकारियों से झूठ कहा कि वह त्रिशूर में लगातार छह महीने एक घर में रहे थे। इसी वजह से उनका नाम वहां की मतदाता सूची में जोड़ दिया गया। प्रतापन ने कहा, यह दावा पूरी तरह झूठा है, क्योंकि सुरेश गोपी उस स्थान पर छह महीने नहीं रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपी और उनके परिवार के 11 सदस्यों के नाम अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद जो अनुपूरक सूची बनी, उसमें जोड़े गए। यह सब झूठे हलफनामे के आधार पर हुआ।
गोपी के खिलाफ दर्ज हो आपराधिक मामला: प्रतापन
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा नेता ने मतदाता सूची में झूठे तरीके से नाम शामिल करवाने के बाद नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में उनका वोट अवैध है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। साथ ही सुरेश गोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। प्रतापन ने यह भी आरोप लगाया कि सुरेश गोपी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम अभी भी तिरुवनंतपुरम नगर निगम के शास्तमंगलम वार्ड की मतदाता सूची में बना हुआ है, जहां आगामी स्थानीय चुनाव होने हैं।
जिला प्रशासन ने गंभीरता से नहीं ली शिकायत: कांग्रेस
प्रतापन ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से की गई फर्जी मतदाताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सुरेश गोपी ने देश के संविधान की शपथ ली थी। वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। लेकिन उन्होंने झूठा हलफनामा देकर चुनाव लड़ा और जीता। उन्होंने कहा, अगर उनका वोट अवैध ठहराया जाता है तो उन्हें लोकसभा की सदस्यता गंवानी पड़ सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से लेगी।





