8 करोड़ का गेहूं घोटाला: रिटायर्ड IAS मीणा के खिलाफ कार्रवाई तय, याचिका खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट ने 8 करोड़ रुपए के गेहूं घोटाले मामले में रिटायर्ड IAS निर्मला मीणा की याचिका खारिज कर दी। मीणा ने सरकार की ओर से दी गई अभियोजन स्वीकृति को रद्द करने की मांग की थी।

कोर्ट ने अपने जजमेंट में कहा कि अभियोजन स्वीकृति न तो मनमाना है और न ही अवैध। मामला 2017 का है, जब मीणा जोधपुर जिला रसद अधिकारी थीं। आरोप था कि उन्होंने गेहूं के दुरुपयोग और अतिरिक्त सप्लाई के जरिए करोड़ों की गड़बड़ी की।

घोटाले का पता लगने पर 2017 में चार्जशीट जारी की गई थी। 2018 में ACB ने चालान पेश किया, लेकिन राज्य सरकार ने अभियोजन स्वीकृति नहीं दी। जनवरी 2025 में सरकार ने मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी दी, जिसके बाद मीणा ने याचिका दायर की।

मीणा के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि विभागीय जांच अधिकारी ने उन्हें बरी करने की सिफारिश की थी और स्वीकृति देने का फैसला मनमाना और शक्ति के अनुचित प्रयोग जैसा है। कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी और अब अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

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