5 साल का बेटा पिता का इंतजार कर रहा, परिवार पर टूटा अमेरिकी हमले का कहर

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया की अमेरिकी हमले में मौत हो गई। शिवानंद सिंगापुर के ऑयल टैंकर जहाज MT सेत्तेबेल्लो पर इंजन फिटर के रूप में कार्यरत थे। हादसे की खबर मिलने के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा है।

शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि बेटे की मर्चेंट नेवी में नौकरी लगने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद जगी थी। इसके लिए परिवार ने करीब छह लाख रुपये कर्ज लेकर उसका सीडीसी (समुद्री पासपोर्ट) बनवाया था। नौ महीने पहले ही शिवानंद ने नौकरी जॉइन की थी और यह उसकी पहली समुद्री यात्रा थी।

परिजनों के अनुसार, 23 मई को जहाज ने चीन में तेल उतारा था। इसके बाद तकनीकी कारणों से एक अन्य जहाज से तेल स्थानांतरित करने के लिए MT सेत्तेबेल्लो को भेजा गया। बुधवार को होर्मुज क्षेत्र के पास जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में शिवानंद की मौत हो गई।

शिवानंद अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी सुशीला, पांच वर्षीय बेटा राजवीर और दो वर्षीय बेटी वानिका हैं। हादसे के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मासूम बेटा बार-बार पूछ रहा है कि उसके पिता कब घर लौटेंगे।

परिवार को घटना की जानकारी ओमान स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से मिली। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भी शिवानंद की मौत की पुष्टि की है। जिला प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि शव को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

इस बीच, शिवानंद के छोटे भाई रामप्रवेश, जो हाल ही में रोजगार के लिए दुबई गए थे, गांव लौट आए हैं। उन्होंने परिवार के लिए आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

गांव में शोक का माहौल है और परिजन शिवानंद के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

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