अयोध्या राम मंदिर में बड़ा फैसला, चढ़ावा चोरी के बाद बदलेगी पूरी व्यवस्था; पास और CEO पर भी अपडेट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर नए खुलासे हुए हैं। अब तक उसे ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का चालक बताया जाता रहा, लेकिन जांच में सामने आई तस्वीरों और वीडियो से संकेत मिल रहे हैं कि मंदिर निर्माण, वीआईपी कार्यक्रमों और विभिन्न व्यवस्थाओं में उसकी सक्रिय भूमिका थी।
छह जून को सामने आए चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें टिन्नू यादव भी शामिल है। पुलिस और एसआईटी मामले की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि मंदिर परिसर में टिन्नू की वास्तविक जिम्मेदारियां क्या थीं और उसे किन अधिकारों के तहत विभिन्न संवेदनशील स्थानों तक पहुंच मिली थी।
सूत्रों के अनुसार, टिन्नू के पास हमेशा वॉकी-टॉकी रहता था और वह मंदिर परिसर में प्रवेश तथा व्यवस्थाओं से जुड़े निर्देश देता था। आरोप है कि उसकी सिफारिश पर कुछ लोगों को वीवीआईपी मार्ग से दर्शन भी कराए जाते थे। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
इधर, चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। चढ़ावे की गिनती की नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसे पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बताया जा रहा है। ट्रस्ट ने जल्द नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के संकेत भी दिए हैं।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय को ट्रस्ट के विभिन्न बैंक खातों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य मंदिर की प्रशासनिक, वित्तीय और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।





