नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही: मृतकों का आंकड़ा 1344 के पार, सुरंग में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। देश के कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस भीषण त्रासदी में अब तक 1344 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
चिलिमे सुरंग में भारतीय टीम ने तेज किया अभियान
रसुवा जिले के स्याब्रुबेसी गांव के पास स्थित चिलिमे जलविद्युत परियोजना का इलाका बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। परियोजना की सुरंग के कई हिस्सों में पानी और मलबा भरने के कारण वहां पहुंचना मुश्किल हो गया था।
अब भारतीय सुरंग बचाव दल ने सुरंग के भीतर अभियान तेज कर दिया है। टीम पानी और मलबे से प्रभावित हिस्सों तक पहुंचकर वहां फंसे लोगों की तलाश कर रही है।
सुरक्षा उपकरणों के साथ सुरंग में आगे बढ़ रही टीम
बचाव अभियान को सुरक्षित और तेज बनाने के लिए टीम ने सुरंग के अंदर सुरक्षा रस्सियां लगाई हैं। पानी और मलबे से बाधित हिस्सों में फ्लोट और पंप भी लगाए जा रहे हैं।
भारी बचाव उपकरणों को सुरंग तक पहुंचाने के लिए एक अस्थायी ट्रैक तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए रेस्क्यू टीम को जरूरी मशीनरी और अन्य उपकरण मौके तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
नेपाल सरकार की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से देश में 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण कई इलाकों में बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। वहीं, लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या ने इस आपदा की भयावहता को और बढ़ा दिया है।
फिलहाल भारतीय और नेपाली बचाव दल चिलिमे सुरंग समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचना बचाव दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।





