जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद बढ़ा सियासी दबाव: सीजेपी के समर्थन में थाने पहुंचे नेता, गिरफ्तारी पर 72 घंटे का समय

जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय आजाद को लगी चोट के मामले में शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके समर्थन में अन्य दलों के नेता भी थाने पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।
चंद्रशेखर आजाद और पप्पू यादव भी पहुंचे
आजाद समाज पार्टी, कांशीराम के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे। उन्होंने सीजेपी नेताओं के साथ खड़े होकर निशु आजाद और उनके पिता के लिए न्याय की मांग की। थाने के बाहर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रही।
वहीं, पप्पू यादव भी थाने के बाहर धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों को डराया नहीं जा सकता।
72 घंटे में गिरफ्तारी का भरोसा
संजय आजाद ने बताया कि पुलिस ने उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए एफआईआर में संबंधित कानूनी धाराएं जोड़ने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 72 घंटे का समय दिया है और उन्हें भरोसा है कि इस अवधि में आरोपी की गिरफ्तारी हो जाएगी।
निशु आजाद के वकील और एआईसीसी लॉ डिपार्टमेंट के ऋषभ रंजन ने बताया कि पुलिस के साथ बैठक में मौजूदा एफआईआर में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि निशु को मिल रही ऑनलाइन धमकियों को लेकर अलग एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
चंद्रशेखर ने भी रखी गिरफ्तारी की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। उन्होंने मामले में पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे थाने के बाहर ही बैठेंगे।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर मामले में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले भी हमलावरों की गिरफ्तारी और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की थी।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने और मामले में गंभीर धाराएं लगाने की मांग की है।
आरोपी ने बताया- आत्मरक्षा में उठाया कदम
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने ऊपर लगे हमले के आरोपों को अलग तरीके से बताया है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। उनके अनुसार, उन्हें कई लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि भीड़ उन्हें गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास घटना का वीडियो सबूत है और पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट में संजय को गंभीर चोट नहीं बताई गई है। स्वतंत्र भारद्वाज ने मामले की जांच में सहयोग करने की बात कही है।





