दिल्ली में प्रदर्शन पर कार्रवाई, 150 लोग हिरासत में; केजरीवाल ने तिरंगे को लेकर सरकार पर साधा निशाना

राजधानी दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मुहिम के तहत शुक्रवार को निकाले गए तिरंगा मार्च के दौरान पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और छात्र संगठन आइसा की प्रमुख नेहा बोरा भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
केजरीवाल बोले- देश में तिरंगा नहीं फहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में फहराएंगे?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने देश में तिरंगा नहीं फहराएंगे, तो क्या पाकिस्तान में फहराएंगे? उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें भारतीय तिरंगे से समस्या है, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
अभिजीत दिपके और नेहा बोरा हिरासत में
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के तहत युवाओं से बड़ी संख्या में घरों से निकलने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की थी। शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के अन्य इलाकों में तिरंगा मार्च निकाला गया।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया। वहीं, मंडी हाउस में प्रदर्शन के दौरान आइसा प्रमुख नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
आप ने किया प्रदर्शन का समर्थन
आम आदमी पार्टी ने सीजेपी के प्रदर्शन को समर्थन दिया। दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारतीय नागरिकों द्वारा अपने देश का राष्ट्रीय ध्वज फहराने में कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भारतीय अपने देश का झंडा फहरा रहे हैं, तो इसमें परेशानी क्यों होनी चाहिए?
आप नेता गोपाल राय ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश का गौरव है और इसके सम्मान से जुड़ी आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की नीतियों के विरोध में तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा भी की।
छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
तिरंगा मार्च के समर्थन में एसएफआई, डीवाईएफआई, एआईएसएफ और एआईवाईएफ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से आंदोलन को रोका नहीं जा सकेगा।
प्रदर्शन में शामिल नेहा बोरा ने इसे देश को बचाने की लड़ाई बताया। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
पुलिस की अपील और प्रदर्शन का राजनीतिक असर
दिल्ली पुलिस ने लोगों से मार्च से दूर रहने की अपील की थी। इसके बावजूद कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी समेत कई संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और तिरंगा मार्च को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।





