हरियाणवी सिंगर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, दो गिरफ्तार; पुरानी दुश्मनी बनी कत्ल की वजह

हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में दो शूटरों को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात में हरियाणा के पानीपत और करनाल के शूटरों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों के संपर्कों की मदद से पूरे हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जिम से बाहर निकलते ही हुआ हमला

अंकित बालियान बुधवार शाम अपनी स्कार्पियो से गांव से शामली के आर्यपुरी स्थित जिम पहुंचे थे। पुलिस की प्राथमिक जांच के मुताबिक, जिम में उन्हें किसी व्यक्ति का फोन आया था और फोन पर उनकी तीखी बहस हुई थी।

इसके बाद अंकित जिम से बाहर निकले और अपनी गाड़ी में बैठने लगे। इसी दौरान बाइक सवार चार हमलावर वहां पहुंचे और गाड़ी का गेट खोलकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने 20 से अधिक राउंड फायर किए। गोलियां अंकित के शरीर और उनकी गाड़ी में लगीं। गंभीर रूप से घायल अंकित को परिचित शामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चार बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अंकित के पिता सतवीर सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली में बाइक सवार चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने हत्याकांड की जांच के लिए कई टीमें लगाई हैं। शामली के अलावा हरियाणा के रोहतक, पानीपत और सोनीपत तथा दिल्ली के खजूरी खास समेत कई स्थानों पर दबिश दी गई। इसी कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध शूटरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पानीपत और करनाल के शूटरों पर पुलिस का शक

पुलिस की जांच में सामने आया है कि हरियाणा के पानीपत और करनाल से जुड़े शूटर इस वारदात में शामिल हो सकते हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही संदिग्धों के मोबाइल फोन, उनकी लोकेशन और आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में कई अहम सुराग मिले हैं।

सोशल मीडिया विवाद की कड़ी भी खंगाल रही पुलिस

अंकित बालियान की हत्या के बाद उनके पुराने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें कुछ दिन पहले का एक वीडियो भी शामिल है, जिसमें अंकित उन लोगों को चेतावनी देते नजर आए थे जो बार-बार उनका नाम किसी मामले से जोड़ रहे थे।

वीडियो में अंकित कहते नजर आते हैं कि चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने कोई गलती की है। इसके बाद वह अपना नाम लेने वालों को चेतावनी देते दिखाई देते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह वीडियो किस विवाद के संदर्भ में बनाया गया था और उस समय अंकित का किन लोगों से विवाद चल रहा था।

गाने को लेकर भी विवाद में रहे थे अंकित

अंकित बालियान हरियाणवी संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बना चुके थे। वह गायकी के साथ यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर भी सक्रिय थे। उनके गानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कई बार चर्चा होती थी।

उनके एक चर्चित गाने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ को लेकर भी विवाद हुआ था और प्रशासन ने इस गाने पर रोक लगा दी थी। हालांकि मौजूदा हत्याकांड में इस गाने या किसी पुराने विवाद की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।

हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले गायक की भी जांच

हत्याकांड के बाद गायक भूपेंद्र ढींगरा की ओर से सोशल मीडिया पर अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में इसे कथित तौर पर गाली का बदला बताया गया था।

पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, भूपेंद्र मूल रूप से गुरुग्राम का रहने वाला है, जबकि उसकी लोकेशन कर्नाटक में मिली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाला व्यक्ति वास्तव में हत्याकांड में शामिल था या नहीं।

अंकित के परिवार में मचा कोहराम

अंकित की हत्या की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर जाम भी लगाया था।

अंकित पिछले कुछ समय से हरियाणा के सोनीपत में रह रहे थे, जबकि करीब छह महीने से शामली के अपने गांव में परिवार के साथ रह रहे थे। वह जिला पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे और वार्ड तीन से संभावित प्रत्याशी के पोस्टर लगाए गए थे।

पुलिस के सामने अब कई सवाल

दो शूटरों को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस के सामने अब हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा करना चुनौती है। वारदात में शामिल बाकी आरोपियों की पहचान, हत्या की सटीक वजह, सोशल मीडिया विवाद की भूमिका और हमलावरों को कथित तौर पर किसने भेजा—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्धों के संपर्क और सोशल मीडिया से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है। एएसपी सुमित शुक्ला के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जांच में सामने आए सभी पहलुओं को जोड़कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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