अखिलेश का योगी सरकार पर बड़ा हमला, मुफ्त बस के वादे पर उठाए सवाल; बोले- जनता से किया छल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा के मुद्दे को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा देने का वादा किया, लेकिन इसके बजाय बसें ही हटा दी गईं। उन्होंने भाजपा पर वादाखिलाफी और वोट की राजनीति करने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अपने वादे निभाने की बात करते हैं, वे खुद अपने वादों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “प्राण जाए पर वचन न जाए कहने वाले रघुवंशियों तक को ठग लेने वाले ये भाजपा नेता क्या वचन निभाएंगे।”
मुफ्त बस यात्रा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना। अखिलेश यादव ने इसी को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सरकार ने मुफ्त यात्रा का वादा किया, लेकिन बसों की उपलब्धता को लेकर स्थिति इसके विपरीत रही।
सपा अध्यक्ष ने इसे सरकार की वादाखिलाफी बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
जाट समाज के मुद्दे पर भी अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने जाट समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या वह जाट समाज में व्याप्त आक्रोश और मारे गए युवा गायक अंकित बालियान के दुखी पिता की बात सुनेंगे।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल वोट के लिए लोगों के साथ खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा “सिर्फ वोटों की सगी है, जाट या किसी अन्य समाज की नहीं।”
भाजपा के साथ खड़े जाट नेताओं पर भी निशाना
सपा अध्यक्ष ने भाजपा के सहयोगी जाट नेताओं को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो जाट नेता अपने स्वार्थ के कारण भाजपा के साथ खड़े हैं, उनसे जाट समाज जवाब मांग रहा है।
अखिलेश ने सवाल उठाया कि भाजपा के सहयोगी जाट नेता आखिर कहां हैं। उन्होंने कहा कि युवा जाट ऐसे नेताओं को तलाश रहे हैं और उनसे जवाब मांगना चाहते हैं।
2027 से पहले तेज हो रही सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं भाजपा की ओर से भी सपा सरकार के कार्यकाल और उसकी नीतियों को लेकर जवाबी हमले किए जाते रहे हैं।
रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा, महिला सुरक्षा और सामाजिक वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। फिलहाल अखिलेश यादव के ताजा बयान ने प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भाजपा सरकार और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप को बढ़ा दिया है।





