सरकार के दो बड़े फैसले: परिवहन से लेकर MSME तक, जानें आम लोगों और कारोबारियों पर असर

केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को परिवहन और लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र से जुड़े दो अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) की स्थापना और 10,000 करोड़ रुपये के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड (SGF) का गठन शामिल है। सरकार के मुताबिक, इन दोनों पहलों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक एकीकृत बनाने और MSME क्षेत्र को विकास के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है।

क्या है ITLA और इसका क्या काम होगा?

ITLA को देश में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स योजना के लिए राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसका काम परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को एक साथ लाना होगा।

यह संस्था सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दीर्घकालिक योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेगी।

ITLA भारत सरकार की 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन भी करेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, 2022 की समीक्षा और उसे अपडेट करने में सरकार को सलाह देगा।

डेटा को एकीकृत कर बनेगा राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार

ITLA के तहत GSTN ई-वे बिल, FASTag, वाहन, GPS और शहरी यातायात से जुड़े डेटा को एकीकृत करने की योजना है। इससे माल और यात्रियों की आवाजाही का बेहतर विश्लेषण किया जा सकेगा और परिवहन परियोजनाओं की योजना वास्तविक डेटा के आधार पर तैयार करने में मदद मिलेगी।

संस्था बड़ी परियोजनाओं की निगरानी के साथ उनकी पूरी होने के बाद प्रभाव का आकलन भी करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण, कौशल विकास और क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

10,000 करोड़ रुपये का SGF क्या है?

कैबिनेट ने MSME क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड (SGF) को भी मंजूरी दी है। यह फंड उच्च क्षमता वाले छोटे और मध्यम उद्यमों में इक्विटी निवेश के जरिए उन्हें लंबे समय के लिए पूंजी उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा।

इसका उद्देश्य ऐसे उद्यमों को विस्तार में मदद करना है, जिनके कारोबार में विकास और आगे बढ़ने की क्षमता है। सरकार के अनुसार, यह फंड MSME क्षेत्र में विकास पूंजी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

किन MSME को मिलेगा फायदा?

SGF का बड़ा हिस्सा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े MSME को मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सेवा क्षेत्र, तकनीक, नवाचार आधारित कारोबार और रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़े उद्यमों को भी समर्थन दिया जाएगा।

इससे कंपनियों को कारोबार बढ़ाने, नई क्षमताएं विकसित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार का क्या है उद्देश्य?

इन दोनों फैसलों के जरिए सरकार एक ओर परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर MSME को विकास के लिए पूंजी उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था और मजबूत MSME क्षेत्र देश की आर्थिक गतिविधियों और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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