राजधानी में दर्दनाक हादसा: 40-50 साल पुरानी इमारत ढही, मलबे में दबे लोग; सरकार ने गठित की जांच कमेटी

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में दबे छात्रों और अन्य लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
40-50 साल पुरानी थी इमारत
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के रूप में किया जा रहा था।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मालिक की पहचान गुरुग्राम निवासी आनंद बंसल के रूप में हुई है। सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है और उसकी गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है।
सरकार ने गठित की जांच कमेटी
हादसे की जांच के लिए सरकार ने विशेष कमेटी का गठन किया है। बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेयर बोले- सिस्टम में कमियां हैं
हादसे के बाद दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करना है। मेयर ने यह भी स्वीकार किया कि सिस्टम में कई कमियां हैं।
6 से 7 लोगों को जिंदा निकाला गया
मेयर के मुताबिक, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर लगातार काम कर रहे हैं। अब तक छह से सात लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी है। राहत और बचाव अभियान अभी जारी है।





