यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी तैयारी, सपा को सौंपी विधानसभा सीटों की सूची; 125 से ज्यादा सीटों पर नजर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए करीब 125 से 130 विधानसभा सीटों की सूची सपा नेतृत्व को सौंपी है। हालांकि, सपा इतनी बड़ी संख्या में सीटें देने के पक्ष में नहीं बताई जा रही है। ऐसे में इंडिया गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत अहम हो गई है।
कांग्रेस ने गोपनीय तरीके से सौंपी सीटों की सूची
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से यह सूची सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी गई है। हाल ही में दिल्ली में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी भी शामिल हुई थीं।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान प्रदेश के नेताओं से अलग-अलग विधानसभा सीटों को लेकर फीडबैक लिया गया। इसी के आधार पर सूची तैयार कर सपा नेतृत्व को दी गई। हालांकि, दोनों दलों की ओर से सीटों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सपा 40-50 से ज्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं
सूत्रों का कहना है कि सपा नेतृत्व कांग्रेस को 40 से 50 से अधिक सीटें देने के पक्ष में नहीं है। इसके पीछे पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
सपा ने कांग्रेस से उन सीटों पर चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों के नाम भी मांगे हैं, ताकि सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई जा सके। अब दोनों दलों के बीच होने वाली चर्चा से तय होगा कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलती हैं।
सपा खुद 340-350 सीटों पर लड़ना चाहती है चुनाव
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने प्रदेश की 403 सीटों में से 347 पर अपने चुनाव चिह्न साइकिल के साथ प्रत्याशी उतारे थे। बाकी सीटें गठबंधन के सहयोगियों के लिए छोड़ी गई थीं।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार भी सपा करीब 340 से 350 सीटों पर अपने चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि साइकिल चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी नहीं होने से जीत की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
सीट बंटवारे की बातचीत पूरी होने के बाद होगा फैसला
सपा नेतृत्व ने फिलहाल उन सीटों पर अपने आधिकारिक प्रत्याशियों की घोषणा टालने का फैसला किया है, जिन पर कांग्रेस ने दावा पेश किया है। सूत्रों के अनुसार, सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी होने के बाद ही इन सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल, दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या और संभावित प्रत्याशियों को लेकर बातचीत आगे बढ़ने का इंतजार है। इस चर्चा का असर उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।





