भारतीय महिला टीम का वनडे में जलवा: दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे को दी करारी शिकस्त, सीरीज जीती

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। रविवार को बीसीए स्टेडियम में खेले गए मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को 121 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शानदार शतकों के साथ युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा की घातक गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने छह विकेट पर 328 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.5 ओवर में 207 रन पर सिमट गई। इससे पहले भारतीय टीम ने टी20 सीरीज में भी जिम्बाब्वे का 3-0 से सफाया किया था।
हरमनप्रीत और दीप्ति के शतकों से भारत का बड़ा स्कोर
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। नोमवेलो सिबांडा ने पारी के पहले ही ओवर में स्मृति मंधाना को आउट कर दिया। इसके बाद शेफाली वर्मा भी आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। भारत ने 19 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे।
मुश्किल समय में हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल ने पारी को संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी हुई। प्रतिका ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल रहे।
प्रतिका के आउट होने के बाद तेजल हसबनीस भी केवल तीन रन बना सकीं। हालांकि, हरमनप्रीत ने एक छोर संभाले रखा और दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
हरमनप्रीत ने 121 गेंदों पर 126 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा।
हरमनप्रीत-दीप्ति ने पांचवें विकेट के लिए बनाया रिकॉर्ड
हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने पांचवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी की। यह भारतीय महिला टीम के वनडे इतिहास में पांचवें या उससे निचले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बताई गई है। दोनों ने 2022 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ स्नेह राणा और पूजा वस्त्राकर की 122 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
दीप्ति शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 86 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके शामिल रहे। उन्होंने पारी के अंतिम ओवर में चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया।
यह दीप्ति के वनडे करियर का दूसरा शतक रहा। इसके साथ ही वह वनडे में छठे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।
ऋचा घोष सात रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन दीप्ति अंत तक क्रीज पर डटी रहीं। उनकी शानदार पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट पर 328 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
जिम्बाब्वे ने की अच्छी शुरुआत, फिर लड़खड़ाया मध्यक्रम
329 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। मोडेस्टर मुपाचिक्वा और लॉरिन फिरी ने पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े। इसके बाद मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरि-तिरिपानो के बीच दूसरे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी हुई।
मुपाचिक्वा ने 49 रन बनाए, जबकि चिपो ने 46 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे की उम्मीदें बनाए रखीं, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में शानदार वापसी की।
लगातार विकेट गिरने से जिम्बाब्वे की पारी दबाव में आ गई और पूरी टीम 48.5 ओवर में 207 रन पर ऑलआउट हो गई।
वैष्णवी शर्मा ने चार विकेट लेकर पलटा मैच
भारतीय टीम की जीत में युवा बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने अहम योगदान दिया। क्रांति गौड़ को आराम दिए जाने के कारण प्लेइंग इलेवन में शामिल वैष्णवी ने 10 ओवर में 39 रन देकर चार विकेट हासिल किए। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पहला चार विकेट का प्रदर्शन रहा।
वैष्णवी ने पहले मुपाचिक्वा को 49 रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने बेलोव्ड बीजा, मिशेल मावुंगा और कप्तान जोसेफिन नोमको को पवेलियन भेजा। उनकी गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे के मध्यक्रम को पूरी तरह बिखेर दिया।
दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया और 32 रन देकर तीन विकेट लिए। सायली सतघरे, एन श्री चरणी और जिंतमणि कलिता को एक-एक विकेट मिला।
भारत ने सीरीज में बनाई 2-0 की अजेय बढ़त
दूसरे वनडे में 121 रन की शानदार जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। भारतीय बल्लेबाजों ने जहां शतकीय पारियों से बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया।
टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बाद भारतीय टीम ने वनडे सीरीज भी अपने नाम कर ली है। अब सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम की नजरें जीत के साथ दौरे का समापन करने पर होंगी।





