बिजनेस अपडेट्स: केंद्र ने राज्यों को जारी किए कर हस्तांतरण के फंड, कपास आयात पर 31 दिसंबर तक शुल्क माफ

केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण के तहत 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की है। यह नियमित मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त है। चालू वित्त वर्ष में यह दूसरी अतिरिक्त किस्त है। इस राशि में उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, घरेलू कपड़ा उद्योग को राहत देने के लिए सरकार ने कपास के शुल्क मुक्त आयात की समयसीमा भी दो महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दी है।

राज्यों को मिले 1.09 लाख करोड़ रुपये

वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण जारी किया है। सरकार का कहना है कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए यह राशि जारी की गई है, ताकि राज्य पूंजीगत व्यय में तेजी ला सकें और विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े खर्चों को पूरा कर सकें।

वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार एक वित्तीय वर्ष में अपने द्वारा एकत्र किए गए करों का 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को देती है। यह राशि सालभर में 14 किस्तों के माध्यम से वितरित की जाती है।

उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये

केंद्र की ओर से जारी अतिरिक्त किस्त में उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, बिहार को 10,845 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

कुछ राज्यों को मिली राशि का विवरण इस प्रकार है:

  • उत्तर प्रदेश: 19,208 करोड़ रुपये
  • बिहार: 10,845 करोड़ रुपये
  • आंध्र प्रदेश: 4,597 करोड़ रुपये
  • छत्तीसगढ़: 3,602 करोड़ रुपये
  • असम: 3,552 करोड़ रुपये
  • पंजाब: 2,176 करोड़ रुपये
  • हरियाणा: 1,484 करोड़ रुपये
  • उत्तराखंड: 1,244 करोड़ रुपये
  • हिमाचल प्रदेश: 996 करोड़ रुपये

इस अतिरिक्त राशि से राज्यों को विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर खर्च करने में मदद मिलेगी।

31 दिसंबर तक कपास के आयात पर नहीं लगेगा सीमा शुल्क

केंद्र सरकार ने घरेलू कपड़ा उद्योग के लिए कपास की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से आयात पर सीमा शुल्क छूट की अवधि दो महीने बढ़ा दी है। अब 31 दिसंबर 2026 तक कपास का शुल्क मुक्त आयात किया जा सकेगा।

इससे पहले मई में सरकार ने कपास के आयात पर अक्तूबर 2026 तक सीमा शुल्क से छूट देने का फैसला किया था। अब इस अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले से कपड़ा बनाने वाली कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है। शुल्क मुक्त आयात से कंपनियों को कच्चा माल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

कपड़ा कंपनियों और उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद

कपास पर सीमा शुल्क छूट की अवधि बढ़ने से घरेलू कपड़ा उद्योग को कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे कपड़ा निर्माताओं की लागत पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, इसका उपभोक्ताओं को कितना लाभ मिलेगा, यह उत्पादन लागत और बाजार में कपड़ों की कीमतों सहित अन्य कारकों पर निर्भर करेगा।

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