क्रिकेटर ध्रुव जुरैल ने क्यों चुना जय जवान, जय किसान का संदेश? पिता ने खोला बड़ा राज

श्रीलंका के खिलाफ शानदार शतक लगाने के बाद भारतीय क्रिकेटर ध्रुव जुरैल के टैटू ने भी देशभर का ध्यान खींच लिया है। ध्रुव की बांह पर लिखा ‘जय जवान, जय किसान’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उनके परिवार और देश के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा संदेश है। शतक के बाद जब उन्होंने सैल्यूट करते हुए यह टैटू दिखाया तो इसकी चर्चा तेजी से होने लगी।

इस टैटू की खास बात यह है कि ध्रुव जुरैल का परिवार जवान और किसान, दोनों से जुड़ा रहा है। उनके दादा किसान थे, जबकि उनके पिता नेम सिंह जुरैल सेना में रह चुके हैं। ऐसे में ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश ध्रुव की पारिवारिक जड़ों और दोनों वर्गों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

ध्रुव के इस टैटू से प्रभावित होकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल शास्त्री ने भी ध्रुव के पिता नेम सिंह जुरैल से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी हुई कि नई पीढ़ी ने करीब छह दशक पुराने इस ऐतिहासिक संदेश को फिर से जीवंत कर दिया है।

ध्रुव जुरैल का यह अंदाज अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। मैदान पर शानदार शतक और बांह पर ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश देकर उन्होंने अपने प्रदर्शन के साथ-साथ देश के जवानों और किसानों को भी सम्मान दिया है। यही वजह है कि उनका यह टैटू और इसके पीछे छिपी कहानी लोगों के दिलों को छू रही है।

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