अयोध्या की दीपावली होगी और खास, राम मंदिर परिसर के 18 मंदिरों में पहली बार सजेगा दीपों का संसार

इस बार दीपोत्सव पर 70 एकड़ में फैला राम जन्मभूमि परिसर डेढ़ लाख दीपों से जगमगाएगा। परिसर के सभी 18 मंदिर तैयार हो चुके हैं और उनमें विग्रहों की स्थापना के साथ नियमित पूजा-अर्चना भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में यह पहली बार होगा, जब पूरा राम जन्मभूमि परिसर एक साथ दीपों से आलोकित होगा।
मुख्य राम मंदिर से लेकर परकोटे, सप्तमंडपम और कुबेर टीले तक दीपों की कतारें सजाई जाएंगी। दीपोत्सव को लेकर परिसर में करीब डेढ़ लाख दीप जलाने की तैयारी की जा रही है।
गर्भगृह में जलेंगे देशी घी के दीप
मुख्य राम मंदिर और रामदरबार में विशेष दीप सजाए जाएंगे। गर्भगृह में शुद्ध देशी घी के दीप प्रज्ज्वलित होंगे, जबकि पत्थर के स्ट्रक्चर पर मोम के दीप सजाए जाएंगे। वहीं, खुले क्षेत्रों में सरसों के तेल के दीप जलाए जाएंगे। इससे परिसर के अलग-अलग हिस्सों में दीपों की अलग-अलग छटा देखने को मिलेगी।
मुख्य मंदिर से कुबेर टीले तक होगी दीप सज्जा
दीपों की सजावट केवल मुख्य मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी। परकोटे के छह मंदिर, सप्तमंडपम के सात मंदिर, शेषावतार मंदिर और कुबेर टीले स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर भी दीपों से रोशन होंगे।
सभी मंदिरों में विग्रहों की स्थापना और नियमित पूजा शुरू होने के बाद यह पहला अवसर होगा, जब पूरा राम जन्मभूमि परिसर एक साथ दीपों से जगमगाएगा।
इन 18 मंदिरों में जलेंगे दीप
राम मंदिर परिसर में श्रीराम मंदिर और रामदरबार के अलावा भगवान शिव, कुबेरेश्वर महादेव, भगवान गणेश, भगवान सूर्य, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा, हनुमानजी, शेषावतार लक्ष्मण, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, माता अहिल्या, माता शबरी, निषादराज और संत तुलसीदास मंदिर में दीप जलाए जाएंगे।
33 लाख दीपों से जगमगाएगी पूरी रामनगरी
राम जन्मभूमि परिसर के साथ ही इस वर्ष पूरी अयोध्या में 33 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 96 हजार लीटर तेल और 64 लाख बातियों की व्यवस्था की जा रही है।
सरयू घाटों के साथ रामनगरी के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भी दीपों से सजाया जाएगा। राम जन्मभूमि परिसर से लेकर सरयू तट तक दीपों की रोशनी की शृंखला अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा को और भव्य बनाएगी।





