हत्याकांड के बाद सुब्रत की जल्दबाजी पर उठे सवाल, चौथे दिन संभाला कारोबार; पोस्ट-रील्स भी गायब

कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच अब पारिवारिक विवाद के साथ कारोबारी पहलू पर भी केंद्रित हो गई है। हत्या के महज चौथे दिन उनके बेटे सुब्रत के अपनी मां के साथ बिरहाना रोड स्थित फर्म पहुंचने, गंगाजल छिड़ककर पूजन कराने और कारोबार की जिम्मेदारी संभालने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इसी घटनाक्रम को जांच के एक महत्वपूर्ण बिंदु के तौर पर देख रही है।

चौथे दिन ही फर्म पहुंचकर संभाला कारोबार

पुलिस के मुताबिक, विनीत मिनोचा की हत्या के कुछ दिन बाद सुब्रत अपनी मां के साथ बिरहाना रोड स्थित फर्म पहुंचे थे। वहां गंगाजल का छिड़काव कर पूजन कराया गया और इसके बाद कारोबार दोबारा शुरू कर दिया गया।

पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या के बाद इतनी जल्दी कारोबार संभालने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। इसी सिलसिले में बिरहाना रोड के दवा कारोबारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

क्या हत्या की वजह सिर्फ पारिवारिक विवाद थी?

विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में उनकी बहू शालू और पुराने नौकर विशाल को साथी राजकिशोर के साथ जेल भेजा जा चुका है। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और शालू पर लगाई गई कथित बंदिशों को हत्या की वजह से जोड़कर देखा गया था।

हालांकि, पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं हत्या के पीछे कारोबारी कारण तो नहीं थे। सुब्रत के अलावा उनकी मां और बहन से भी पुलिस कई बार पूछताछ कर चुकी है।

आठ दिनों में कई कारोबारियों का माल लौटाया

जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि हत्या के बाद के आठ दिनों में सुब्रत ने कई दवा कारोबारियों का माल वापस किया। कुछ व्यापारियों से बकाया राशि के चेक भी लिए गए।

पुलिस अब बिरहाना रोड के उन कारोबारियों से भी जानकारी जुटा रही है, जो विनीत की फर्म से कारोबारी रूप से जुड़े हुए थे। इससे पुलिस कारोबारी गतिविधियों और हत्या के बीच किसी संभावित कड़ी की जांच कर रही है।

फेसबुक से फोटो और रील्स डिलीट करने की बात

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि सुब्रत ने अपने फेसबुक अकाउंट से कई फोटो और रील्स डिलीट कर दीं। इनमें कुछ ऐसी पोस्ट भी बताई गई हैं, जिनमें कारोबार संभालने के बाद साथियों ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाई दी थी।

पुलिस इस डिजिटल गतिविधि को भी जांच के दायरे में रख रही है, हालांकि उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पोस्ट डिलीट करने का हत्या से कोई सीधा संबंध है।

हत्या से पहले पार्टी में शामिल हुए थे विनीत

दवा कारोबारियों के अनुसार, बिरहाना रोड के व्यापारियों के बीच हर महीने कुछ लेट नाइट पार्टियां होती थीं। हत्या से कुछ दिन पहले भी एक बड़े होटल में पार्टी हुई थी, जिसमें विनीत मिनोचा शामिल हुए थे। कारोबारियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मिनोचा परिवार में किसी विवाद की बात पहले नहीं सुनी थी।

क्या था पूरा मामला?

63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की देर रात कानपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 4:13 बजे उनका बेटा और बहू घर लौटे तो कमरे में विनीत का शव पड़ा मिला।

शव पर धारदार हथियार से कई वार के निशान थे। घटना के बाद पुलिस ने अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें एक पूर्व कर्मचारी समेत दो लोगों के फ्लैट में आने-जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की।

45 साल पुरानी है दवा की फर्म

विनीत मिनोचा लंबे समय से दवा कारोबार से जुड़े थे। उनकी बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से करीब 45 साल पुरानी दवा की फर्म थी। परिवार में उनके बेटे सुब्रत, बहू शालू और छह वर्षीय पोते श्रीजय का उल्लेख है।

फिलहाल पुलिस पारिवारिक विवाद के साथ-साथ कारोबारी गतिविधियों और हत्या के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात के पीछे की वजह क्या थी।

Related Articles

Back to top button