रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप: मनीषा भानवाला ने फाइनल में बनाई जगह, तनु शर्मा ने कांस्य जीतकर बढ़ाया मान

सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मनीषा भानवाला ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए रजत पदक पक्का कर लिया है। वहीं, तनु शर्मा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और उपलब्धि जोड़ दी। इससे पहले काजल धोचक और नीलम सिरोही भी फाइनल में पहुंचकर रजत पदक अपने नाम कर चुकी हैं।
कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय महिला पहलवानों ने अपनी प्रतिभा और दमदार खेल से प्रभावित किया है। मनीषा के फाइनल में पहुंचने के बाद अब भारत को एक और स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
मनीषा भानवाला ने फाइनल में बनाई जगह
भारत की मनीषा भानवाला ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखु को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। इस जीत के साथ उनका कम से कम रजत पदक जीतना तय हो गया है।
मनीषा ने प्रतियोगिता में शुरुआत से ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरगार्ड को 6-2 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। इसके बाद लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया।
अब शुक्रवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में मनीषा का सामना अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेटे से होगा। इस मुकाबले में जीत हासिल कर वह भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगी।
तनु शर्मा ने कांस्य पदक पर जमाया कब्जा
भारतीय पहलवान तनु शर्मा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। तीसरे स्थान के मुकाबले में उन्होंने अमेरिका की प्रीशियस रोसन्ना बेल को 9-5 से हराया।
तनु ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी इस जीत से भारतीय दल के पदकों की संख्या में इजाफा हुआ।
काजल धोचक और नीलम सिरोही ने जीते रजत पदक
इससे पहले बुधवार को भारतीय पहलवान काजल धोचक और नीलम सिरोही ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में पहुंचकर रजत पदक हासिल किए थे। दोनों खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया।
76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में 18 वर्षीय काजल धोचक का सामना यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा से हुआ। कड़ी टक्कर के बावजूद काजल को 6-8 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
वहीं, 50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में नीलम सिरोही का मुकाबला जापान की चार बार की विश्व चैंपियन युई सुसाकी से हुआ। नीलम यह मुकाबला 0-5 से हार गईं और उन्हें रजत पदक मिला।
काजल और नीलम का फाइनल तक पहुंचना भारतीय महिला कुश्ती के लिए अहम उपलब्धि रही।
काजल ने सेमीफाइनल में पिछड़ने के बाद की वापसी
काजल धोचक ने फाइनल में जगह बनाने के दौरान शानदार जुझारूपन दिखाया। सेमीफाइनल में वह किर्गिस्तान की ऐपेरी मेदेत काइजी के खिलाफ 1-7 से पीछे चल रही थीं। हालांकि, उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला 10-7 से जीत लिया।
दूसरी ओर, नीलम सिरोही ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।
अहिल्या शिंदे क्वार्टर फाइनल में हुईं बाहर
55 किलोग्राम भार वर्ग में भारतीय पहलवान अहिल्या शिंदे का सफर क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। उन्होंने राउंड ऑफ 16 में क्यूबा की यानेलिस सानज वर्डेसिया को 8-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी।
हालांकि, क्वार्टर फाइनल में उन्हें तुर्किये की तुबा डेमिर के खिलाफ 6-9 से हार झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही उनका पदक जीतने का सपना टूट गया।
विक्की हुडा को रेपेचेज से पदक जीतने का मौका
पुरुषों के फ्रीस्टाइल कुश्ती के 97 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के विक्की हुडा की पदक की उम्मीदें अभी बरकरार हैं। उन्हें क्वार्टर फाइनल में जापान के अराश योशिदा के खिलाफ 2-12 से हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, योशिदा के फाइनल में पहुंचने के कारण विक्की को रेपेचेज दौर में उतरने का मौका मिला है। इस दौर में जीत दर्ज करने पर वह पदक की दौड़ में बने रह सकते हैं।
वहीं, पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में सुजीत कलकल का अभियान समाप्त हो गया।
भारत की पदक उम्मीदें बढ़ीं
सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन से देश की पदक उम्मीदें मजबूत हुई हैं। काजल धोचक और नीलम सिरोही के रजत पदक के बाद तनु शर्मा ने कांस्य जीता, जबकि मनीषा भानवाला के पास स्वर्ण पदक जीतने का मौका है।
अब सभी की नजरें मनीषा के फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। इसके अलावा विक्की हुडा भी रेपेचेज के जरिए पदक जीतने की कोशिश करेंगे।





