यूपी की राजनीति में नया विवाद: सपा का दावा, भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदाताओं पर दबाव बना रहे डीएम

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश सरकार के मंत्री, भाजपा सांसद, विधायक और पदाधिकारियों के दबाव में जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस प्रशासन ग्राम प्रधानों व शिक्षकों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान कराने का दबाव बना रहे हैं। सपा ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

कौशाम्बी और बलिया के प्रशासन पर उठाए सवाल

सपा ने अपने ज्ञापन में इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कौशाम्बी जिले में प्रशासन की गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि वहां जिला प्रशासन और पुलिस ग्राम प्रधानों के माध्यम से मतदाताओं पर दबाव बना रहे हैं।

इसके अलावा, सपा ने बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से 21 अक्तूबर को विद्यालय प्रबंधकों की बैठक बुलाए जाने पर भी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि मतदान से महज दो दिन पहले मतदाता पात्रता से जुड़े प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए बैठक बुलाना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। सपा के अनुसार, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है और इसे प्रत्याशियों को भी उपलब्ध कराया जा चुका है।

बस्ती में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम होने का दावा

समाजवादी पार्टी ने बस्ती जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों—बस्ती सदर, महादेवा, रुधौली और हर्रैया—की मतदाता सूचियों में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट नाम दर्ज होने का आरोप लगाया है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से इन नामों की जांच कराने की मांग की है।

पीलीभीत में मतदाता पहचान संबंधी गड़बड़ी का आरोप

सपा ने पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) से संबंधित कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी के मुताबिक, कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर ऑनलाइन जांचने पर किसी अन्य मतदाता का पूरा विवरण दिखाई देता है।

सपा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए निर्वाचन आयोग से तत्काल जांच कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।

सपा नेताओं ने सौंपा ज्ञापन

निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपने वालों में सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। पार्टी ने पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

नोट: प्रशासन पर लगाए गए ये आरोप समाजवादी पार्टी के ज्ञापन पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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