भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बढ़ी हलचल, ट्रंप बोले- जल्द समझौते की उम्मीद, पुराने करारों से नहीं होगा मेल

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश जल्द ही व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, प्रस्तावित समझौता अमेरिका के पहले किए गए व्यापारिक करारों से बिल्कुल अलग होगा। वहीं, भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में प्रगति पर संतोष जताया है।
ट्रंप बोले- समझौते के काफी करीब हैं दोनों देश
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और दोनों देश इसके काफी करीब पहुंच गए हैं।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भारत के साथ होने वाला प्रस्तावित करार अमेरिका के अब तक किए गए अन्य व्यापार समझौतों से अलग स्वरूप का हो सकता है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
जयशंकर और रुबियो के बीच हुई मुलाकात
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। साथ ही प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते की बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
रुबियो 20 और 21 अक्तूबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर आए रुबियो की यह दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह मई में नई दिल्ली आए थे। भारत दौरे के अगले चरण में वह गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां ऊर्जा सहयोग समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
रुबियो ने भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को बताया अहम
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक तालमेल को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास साझेदारी के जरिए 21वीं सदी की दिशा तय करने का अवसर है।
रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका के बीच हर मुद्दे पर सहमति होना जरूरी नहीं है और कुछ मामलों में मतभेद हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर अच्छा तालमेल है।
नियमित कूटनीतिक बातचीत पर दिया जोर
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका को भारत के साथ अधिक नियमित रूप से कूटनीतिक बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने भारत को अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदारों में से एक बताया।
रुबियो ने मुंबई के आर्थिक और कारोबारी महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अमेरिका में निवेश करती हैं और उसके साथ व्यापार करती हैं।
ट्रंप के ताजा बयान और दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, समझौते की अंतिम शर्तों और इसे लागू करने की समयसीमा को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।





