पूर्व IAS दिव्या मित्तल की कहानी: IIT-IIM की पढ़ाई से लंदन तक, अब राजनीति में आजमाएंगी किस्मत

उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में आने का एलान किया है। 29 सितंबर 2026 को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू होगी। उन्होंने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार करते हुए सीधे जनता के बीच काम करने की बात कही है।
IIT से IIM तक की पढ़ाई
दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग फिजिक्स की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने IIM बैंगलोर से MBA किया। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने MITx से डेटा, अर्थशास्त्र और विकास नीति में माइक्रोमास्टर्स भी किया है।
लंदन में नौकरी के बाद चुनी सिविल सेवा
MBA के बाद दिव्या मित्तल ने लंदन के वित्तीय क्षेत्र में काम किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 2007 में जेपी मॉर्गन में काम शुरू किया और करीब एक साल से अधिक समय तक वित्तीय क्षेत्र में रहीं। इसके बाद भारत लौटकर उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की।
एक प्रयास में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ। अगले प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल की और भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुईं। वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी बनीं।
13 साल के प्रशासनिक करियर में संभालीं कई जिम्मेदारियां
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग पदों पर काम किया। वह नीति आयोग में सहायक सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
इसके अलावा उन्होंने संत कबीर नगर में जिलाधिकारी, गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी और विभिन्न स्थानों पर एसडीएम के रूप में भी काम किया।
मिर्जापुर में ग्रामीण पेयजल परियोजना को लेकर चर्चा
मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए दिव्या मित्तल ने ग्रामीण पेयजल से जुड़े कार्यों पर जोर दिया। लहुरिया दह गांव में पाइप के जरिए पानी पहुंचाने की योजना भी उनके कार्यकाल से जुड़ी रही।
हालिया राजनीतिक संदेश में उन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान सामने आई ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों का भी जिक्र किया।
अगस्त में दिया था इस्तीफा
आईएएस से इस्तीफा देने से पहले दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने अगस्त 2026 में इस्तीफे की घोषणा की थी। सितंबर में सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया।
राजनीति में क्या होगी भूमिका?
राजनीति में आने की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा है कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए जनता की समस्याओं, सरकारी जवाबदेही, शिक्षा, ग्रामीण विकास, भर्ती परीक्षाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाने की बात कही है।
हालांकि, उन्होंने अभी किसी विधानसभा या लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। उनके राजनीतिक सफर की अगली दिशा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।





