धरोहर बचाने की कवायद या पर्यटकों पर रोक? आरटीआई में सामने आई दिल्ली के स्मारकों की स्थिति

राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से संरक्षण, मरम्मत और पर्यटक सुविधाओं से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इन कार्यों के चलते कई प्रमुख स्मारकों के कुछ हिस्सों में पर्यटकों का प्रवेश बंद या सीमित कर दिया गया है।
आरटीआई के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के 10 स्मारकों में संरक्षण और सुधार कार्य चल रहे हैं। इनमें हौज खास, कोटला फिरोज शाह, तुगलकाबाद किला, गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा, कुतुब मीनार परिसर, सलीमगढ़ किला और लाल किला समेत कई प्रमुख धरोहरें शामिल हैं।
लाल किले की छह इमारतों में प्रवेश बंद
लाल किले के अंदर हमाम, मोती मस्जिद, दीवान-ए-खास, खास महल, रंग महल और शीश महल में पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है। ये सभी मुगलकालीन स्थापत्य के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
हमाम शाही स्नानघर के रूप में इस्तेमाल होता था, जबकि मोती मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने निजी उपयोग के लिए कराया था। दीवान-ए-खास शाही मुलाकातों का प्रमुख स्थल था। नाजुक संगमरमर की कारीगरी और ऐतिहासिक संरचनाओं को नुकसान से बचाने के लिए यहां प्रवेश सीमित किया गया है।
कुतुब मीनार का अंदरूनी हिस्सा भी बंद
कुतुब मीनार परिसर में हिंदू अवशेष कॉरिडोर की पहली मंजिल, जमाली-कमाली का मकबरा और मीनार का अंदरूनी हिस्सा पर्यटकों के लिए बंद है। कुतुब मीनार के भीतर प्रवेश 1981 में हुई भगदड़ के बाद से बंद है।
इसके अलावा सफदरजंग के मकबरे में मस्जिद और उससे जुड़ी कोठरियों की मरम्मत चल रही है। हुमायूं के मकबरे में भी पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।
कई अन्य स्मारकों में भी काम जारी
आरटीआई के अनुसार, हौज खास और कोटला फिरोज शाह परिसर में संरचनात्मक मरम्मत का काम चल रहा है। तुगलकाबाद किले और गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे में पर्यटक सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। सलीमगढ़ किले में सिग्नल रेजिमेंट बिल्डिंग ब्लॉक की मरम्मत और लाल किले के लाहौर गेट पर कुएं वाले क्षेत्र का संरक्षण किया जा रहा है।
इन संरक्षण कार्यों का उद्देश्य दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और भविष्य में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि, काम पूरा होने तक कुछ हिस्सों में पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा।





