एलन मस्क की बढ़ीं मुश्किलें! यूक्रेन में स्टारलिंक पर सख्ती के बीच कंपनी की भूमिका पर सवाल

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लेकर विवाद गहरा गया है। यूक्रेन में स्टारलिंक और स्टारशील्ड सेवाओं पर कथित प्रतिबंधों के बाद सैन्य संचार और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अमेरिकी सांसदों ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं। वहीं, एलन मस्क ने स्टारलिंक और स्टारशील्ड को अलग-अलग सेवाएं बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
स्टारलिंक पर पाबंदियों से क्यों बढ़ी चिंता?
यूक्रेनी सेना युद्ध के दौरान स्टारलिंक की मदद से ड्रोन संचालन, खुफिया जानकारी साझा करने और सैनिकों के बीच संपर्क बनाए रखने जैसे कार्य करती है। ऐसे में कनेक्टिविटी प्रभावित होने से सैन्य अभियानों और रूसी हमलों का मुकाबला करने में मुश्किलें आने की आशंका जताई गई है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मामले को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि संचार सेवाओं पर इस तरह की पाबंदियों से रूस को रणनीतिक लाभ मिल सकता है। अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने भी चेतावनी दी कि युद्ध के दौरान किसी निजी कंपनी के पास संचार व्यवस्था को प्रभावित करने की शक्ति होना गंभीर चिंता का विषय है।
जेलेंस्की ने मस्क के फैसले पर उठाए सवाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्टारलिंक सेवाओं में आई रुकावट को लेकर नाराजगी जताई। ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन के कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि रात करीब एक बजे सेवा बाधित हुई थी। उनके मुताबिक, इसका असर यूक्रेन की सैन्य गतिविधियों और रूसी हमलों से बचाव की कोशिशों पर पड़ा।
जेलेंस्की ने कहा कि स्टारलिंक केवल सैन्य अभियानों के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने और आपात परिस्थितियों में संपर्क बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि संचार व्यवस्था प्रभावित होने से रूसी हमलों का मुकाबला करना मुश्किल हो सकता है।
मस्क ने स्टारलिंक और स्टारशील्ड को बताया अलग
विवाद के बीच एलन मस्क ने स्टारलिंक और स्टारशील्ड की भूमिका को अलग-अलग बताया। उनके अनुसार, स्टारलिंक स्पेसएक्स की व्यावसायिक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जिसका इस्तेमाल नागरिक और अन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है। मस्क ने कहा कि इस सेवा का इस्तेमाल आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए करना उचित नहीं होगा।
वहीं, स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार के लिए विकसित सैन्य संचार प्रणाली है। मस्क के मुताबिक, इस प्रणाली पर लागू प्रतिबंधों और इसके इस्तेमाल से जुड़े फैसलों में अमेरिकी सेना तथा सरकार की भूमिका होती है।
यूक्रेन में कनेक्टिविटी बहाल करने की कोशिश
यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने बताया कि स्टारलिंक कनेक्टिविटी बहाल करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, उन्होंने स्टारशील्ड पर लगी गति संबंधी पाबंदियों को हटाने की मांग भी की।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों को स्टारशील्ड पर लगाई गई पाबंदियों की पहले से जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह फैसला अमेरिका की उच्चस्तरीय नीति का हिस्सा नहीं था।
भारत में भी स्टारलिंक की सेवाओं पर चर्चा
स्टारलिंक को लेकर भारत में भी पहले चर्चा हो चुकी है। देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना जरूरी है। एलन मस्क ने पहले भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना में कारोबारी हितों के कारण बाधाएं आने की बात कही थी। इसके जवाब में संचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए देश में निर्धारित नियम हैं और कंपनियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
फिलहाल, यूक्रेन में स्टारलिंक को लेकर उठा विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में किसी निजी तकनीकी कंपनी की सेवाओं पर निर्भरता किस हद तक सुरक्षित है और ऐसी सेवाओं को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी किसकी होनी चाहिए।





