चोरी के बाद खुद एक्टिव हुआ युवक, 61 किमी दूर जाकर बरामद की बाइक

उदयपुर में एक महंगी बाइक चोरी के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की और उल्टा उससे ही सीसीटीवी फुटेज खंगालने को कहा। मामला हाथीपोल थाना क्षेत्र का है।
नवरत्न कॉम्प्लेक्स लिंक रोड निवासी 25 वर्षीय अब्बास अली हुसैन कानोड़वाला की बजाज पल्सर बाइक 10 मई की सुबह एमबी अस्पताल परिसर से चोरी हो गई थी। अब्बास अपने बीमार पिता को अस्पताल में भर्ती करवाकर रात को वहीं रुका था। सुबह बाहर आने पर बाइक गायब मिली।
परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। अब्बास ने खुद अस्पताल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें दो युवक बाइक का लॉक तोड़कर ले जाते दिखाई दिए। फुटेज पुलिस को सौंपे गए, लेकिन एफआईआर दो दिन बाद 12 मई को दर्ज की गई।
पीड़ित के पिता अली हुसैन का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में पूछताछ करने पर पुलिसकर्मी ने निरीक्षण का हवाला देकर बाद में आने को कहा।
पुलिस से निराश होकर परिवार ने सोशल मीडिया पर बाइक की फोटो डालकर जानकारी देने वाले के लिए 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। इसके बाद 14 मई को उदयपुर से करीब 61 किलोमीटर दूर बेकरिया थाना क्षेत्र के मालवा का चौरा से बाइक की सूचना मिली।
अगले दिन अब्बास अपने दोस्तों और ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचा। पता चला कि बाइक एक जीप में भरकर गुजरात ले जाई जा रही है। इसके बाद फिल्मी अंदाज में जीप को रुकवाया गया। जांच में जीप में वही बाइक मिली, जिसकी चेसिस नंबर से पुष्टि की गई। बाद में बाइक को बेकरिया थाने ले जाकर पुलिस को सौंप दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि बाइक बरामद होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि पुलिस जांच आगे बढ़ाए तो पूरे गिरोह का खुलासा हो सकता है।
हाथीपोल थानाधिकारी राजू देवी ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश के लिए टीम भेजी गई है। परिवादी को चक्कर लगाने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।





