यमुना सफाई को मिलेगी रफ्तार, अमित शाह ने 80 ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं का किया ऐलान

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को यमुना नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2028 तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यमुना में एक भी लीटर बिना उपचारित (Untreated) गंदा पानी न जाए। इसके लिए दिल्ली में करीब 80 ट्रीटमेंट प्लांट पर काम शुरू हो चुका है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच गोबर के समुचित उपयोग और कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट स्थापित करने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि यह पहल यमुना सफाई अभियान के साथ-साथ देश के अन्य महानगरों के लिए भी एक मॉडल साबित होगी।
गोबर और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर
अमित शाह ने कहा कि गटर के पानी, औद्योगिक अपशिष्ट और गोबर के वैज्ञानिक निस्तारण के बिना यमुना को स्वच्छ बनाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि नांगली, घोघा-गोयला और गाजीपुर में अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों के माध्यम से गोबर की प्रोसेसिंग की जाएगी, जिससे यमुना में गोबर का प्रवाह पूरी तरह रोका जा सकेगा।
पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी
उन्होंने कहा कि इस योजना से स्वच्छता के साथ-साथ पशुपालकों की आय बढ़ेगी, जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और कंप्रेस्ड बायो-गैस का उत्पादन होगा। समझौते के तहत गोबर उपलब्ध कराने वाले पशुपालकों को प्रति किलोग्राम एक रुपये का भुगतान करने का प्रावधान किया गया है।
देशभर के लिए बनेगा मॉडल
अमित शाह ने कहा कि यह पहल केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में देश के अन्य महानगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी मॉडल को लागू किया जा सकेगा। उनके अनुसार यह योजना स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।





