राम मंदिर के CEO की नियुक्ति का अंतिम फैसला किसके हाथ? जानें चयन प्रक्रिया और संभावित दावेदारों की पूरी कहानी

राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। 5,300 से अधिक आवेदनों में से 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता, भीड़ प्रबंधन और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उम्मीदवारों की सोच परखी जा रही है।

तीन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा

CEO पद की रेस में पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, जौनपुर के पूर्व जिलाधिकारी दिनेश चंद्र और अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। बाकी उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस सेवा में उनका लंबा अनुभव रहा है और उन्होंने STF तथा ATS से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभाली हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने UPEIDA और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए नोडल सुरक्षा अधिकारी के तौर पर भी काम किया।

दिनेश चंद्र 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अलीगढ़, गाजियाबाद, कानपुर देहात, बहराइच और सहारनपुर समेत कई जगह प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह 2024 से 2026 तक जौनपुर के जिलाधिकारी रहे और वर्तमान में लखनऊ में समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव हैं।

योगेश्वर राम मिश्रा 2005 बैच के आईएएस अधिकारी और अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी हैं। उन्होंने बाराबंकी और वाराणसी समेत कई जिलों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। अयोध्या में डीएम रहते हुए उन्हें धार्मिक पर्यटन, कानून-व्यवस्था और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रबंधन का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।

इंटरव्यू में क्या पूछा जा रहा?

चयन समिति ने उम्मीदवारों के लिए 34 सवालों वाला इंटरव्यू प्रारूप तैयार किया है। इसमें बड़े आयोजनों को संभालने के अनुभव, आयोजन में शामिल लोगों की संख्या, नेतृत्व क्षमता और बड़े कर्मचारियों के समूह को संभालने जैसे सवाल शामिल हैं।

इसके अलावा उम्मीदवारों से मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की योजना, भीड़ प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और बड़े आयोजनों से जुड़े अनुभव के बारे में भी सवाल किए जा रहे हैं।

कैसे हो रहा है चयन?

16 शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों का इंटरव्यू बंद कमरे में लिया गया। उम्मीदवारों को पहले मंदिर परिसर का दौरा भी कराया गया। इंटरव्यू करीब 40 से 50 मिनट तक चलने की बात सामने आई है।

अंतिम फैसला किसका होगा?

CEO चयन की पहली जिम्मेदारी तीन सदस्यीय समिति के पास है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू और अनुभव के आधार पर तीन नामों का पैनल तैयार करेगी।

इसके बाद तीनों उम्मीदवारों का अंतिम इंटरव्यू श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा। ट्रस्ट की अंतिम मंजूरी के बाद एक उम्मीदवार को राम मंदिर का CEO नियुक्त किया जाएगा। नियुक्ति शुरुआती तौर पर तीन साल के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

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