सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का केंद्र पर निशाना: बोले वंदे मातरम् को व्यवहार में उतारने की ज़रूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चर्चा की शुरुआत करते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् की भावना ने स्वतंत्र भारत के सपने को शक्ति दी थी और यह समृद्ध व विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है।

पीएम मोदी ने कहा, “देश के महापुरुषों का सपना था स्वतंत्र भारत, आज की पीढ़ी का सपना है समृद्ध भारत। आज़ाद भारत के सपने को वंदे मातरम् की भावना ने सींचा था, और यही भावना 2047 तक विकसित भारत के सपने को सींचेगी।”

कांग्रेस के गौरव गोगोई और फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रखे विचार

पीएम के संबोधन के बाद कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई बोले। इसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष पर निशाना साधा।

अखिलेश ने कहा कि वंदे मातरम् ने आज़ादी की लड़ाई में देश को एक सूत्र में पिरोया और करोड़ों लोगों को संघर्ष की ऊर्जा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष हर चीज का श्रेय लेना चाहता है और महापुरुषों की विरासत पर भी कब्जा करने की कोशिश करता है।

अखिलेश यादव ने कहा—
“वंदे मातरम् सिर्फ पढ़ने या गाने के लिए नहीं है, बल्कि इसे निभाने के लिए है। जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा ही नहीं लिया, वे वंदे मातरम् का महत्व कैसे समझेंगे? ये राष्ट्रवादी नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रवादी लोग’ हैं।”

सदन में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा पर चर्चा

चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों ने वंदे मातरम् की रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका और आधुनिक भारत के लिए उसके संदेश पर अपने विचार रखे। सदन में कई बार मेज थपथपाकर सांसदों ने वक्ताओं का समर्थन जताया।

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