चढ़ावा चोरी केस में SIT एक्शन मोड में, अयोध्या में ट्रस्ट कर्मचारियों से पूछताछ आज

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) सोमवार को अयोध्या पहुंच गया। टीम ने पहुंचते ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय में जांच शुरू की और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत अन्य अधिकारियों से मामले की जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार, जिन कर्मचारियों पर चढ़ावे में गड़बड़ी का संदेह है, उन्हें ट्रस्ट परिसर में अलग रखा गया है। SIT उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करेगी। जांच टीम उन अधिकारियों से भी जानकारी जुटाएगी, जो पहले इस मामले की गोपनीय जांच कर चुके हैं।
अयोध्या पहुंचने से पहले SIT ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन शामिल हैं।
राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के साथ-साथ व्यवस्थागत सुधारों पर भी काम किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे।
मामले में अब तक पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर शामिल हैं। जांच एजेंसियों ने इनकी निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये की बरामदगी का दावा किया है। सभी आरोपी दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें से दो आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद मामले की जांच की मांग तेज हुई और प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ट्रस्ट से रिपोर्ट तलब की। इसके बाद राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन कर जांच शुरू कराई।
SIT अब वित्तीय लेन-देन, दान राशि के प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





