अलवर में महिला से छेड़छाड़ के आरोप पर दुकानदार की पिटाई, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

अलवर जिले के भिवाड़ी थाना फेज-III के हुसैपुर गांव में 14 साल पहले मुर्गी के विवाद में हुई युवक की हत्या के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
ट्रैक्टर के नीचे आकर पड़ी मुर्गी बनी विवाद की वजह
मामले में हुसैपुर निवासी कल्लू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा जाहिद ट्रैक्टर चलाते हुए गांव जा रहा था। रास्ते में आरोपी राजवीर की मुर्गी ट्रैक्टर के नीचे आकर मर गई। इसी बात को लेकर आरोपी राजवीर ने रंजिश में अपने साथियों के साथ अगले दिन जाहिद को रास्ते में रोक लिया।
पहले उसकी मारपीट की गई, फिर राजवीर ने बंदूक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। जाहिद की मौके पर ही मौत हो गई।
5 आरोपी थे, एक की मौत, एक फरार
विशिष्ट लोक अभियोजक योगेंद्र खटाना के अनुसार, मामले में कुल पाँच आरोपी नामजद थे। इनमें से एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है। जबकि आरोपी विक्रम को अदालत पहले ही फरार घोषित कर चुकी है।
14 वर्षों की लंबी सुनवाई के बाद फैसला
पुलिस ने आरोपी राजवीर उर्फ पप्पू, संजय, सुभाष और विक्रम के खिलाफ चालान पेश किया था। लगभग 14 साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीन आरोपियों—राजवीर उर्फ पप्पू, संजय और सुभाष—को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।





