दोस्त की गुमशुदगी से मिली ‘सरफरोश’, संघर्ष से स्टारडम तक नवाज की कहानी

उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना में जन्मे नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई। 52वें जन्मदिन पर उनकी जिंदगी के कई दिलचस्प किस्से सामने आए हैं। एक समय ऐसा भी था जब नवाजुद्दीन को वॉचमैन की नौकरी करनी पड़ी और मालिक ने उन्हें देखकर कहा था- “इस मरे हुए को किसने रखा?” लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने अभिनय को निखारते रहे।
नवाजुद्दीन ने अपने शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष किया। कभी पैसों की कमी में 19 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, तो कभी चाय-बिस्किट खाकर गुजारा करना पड़ा। कई बार स्टूडियो से बेइज्जत कर बाहर निकाला गया, लेकिन उन्होंने एक्टिंग का सपना नहीं छोड़ा।
एक किस्सा उनके युवावस्था का भी है, जब गांव में पहली बार टीवी आया था। पड़ोस की एक लड़की टीवी देखने जाती थी और नवाज भी उसके पीछे वहां पहुंच जाते थे। एक दिन उन्होंने लड़की से कहा- “टीवी मत देखो, मुझे देखो।” लड़की के जवाब पर नवाज ने गुस्से में कहा था- “देखना, एक दिन मैं भी टीवी पर आऊंगा।” बाद में उन्होंने अपनी यह बात सच कर दिखाई।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने छोटे-छोटे रोल से शुरुआत की और फिर अपनी दमदार एक्टिंग से बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन कलाकारों में जगह बनाई। ‘बाप का, दादा का, भाई का सबका बदला लेगा तेरा फैजल’ जैसे उनके डायलॉग आज भी फैंस की जुबां पर हैं।





