भीषण गर्मी से सड़कें फटीं: बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया गया लंगड़ा आम का रस, बारिश का इंतजार

उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार थम गई है। यूपी-बिहार बॉर्डर तक पहुंचने के बाद मानसून पिछले पांच दिनों से महराजगंज के पास अटका हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री में अभी करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
शुक्रवार सुबह फर्रुखाबाद में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि कानपुर देहात में भी अचानक मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस का असर बना हुआ है।
भीषण गर्मी का असर गोरखपुर में भी देखने को मिला, जहां पादरी बाजार स्थित ईस्टर्न कॉलोनी में आरसीसी सड़क अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। घटना के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, अत्यधिक तापमान के कारण सड़क में दरारें आ गईं और उससे धुआं निकलता दिखाई दिया।
वहीं वाराणसी में गर्मी से राहत की कामना के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ को लंगड़ा आम का रस अर्पित किया गया और गंगाजल से अभिषेक किया गया।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 16 जिलों में बारिश और 25 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे। बांदा 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिससे व्यापक बारिश हो सके। अगले पांच दिनों तक लू और भीषण गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जबकि मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है।





