बाजार में हाहाकार के बाद रिकवरी, निवेशकों की नजर तेल और रुपये पर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex 1000 अंक से ज्यादा टूटकर 74,180 तक पहुंच गया। हालांकि बाद में बाजार में रिकवरी आई और सेंसेक्स 77 अंक की बढ़त के साथ 75,315 पर बंद हुआ। वहीं NIFTY 50 लगभग सपाट रहकर 23,650 के करीब बंद हुआ।

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी है। पिछले 30 दिनों में FIIs ने भारतीय बाजार से करीब 55 हजार करोड़ रुपए निकाले हैं।

वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे से ज्यादा कमजोर होकर 96.33 पर बंद हुआ। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया और ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार फिलहाल वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव में है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स के लिए 74,500 से 74,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 75,600 से 76,000 के बीच रेजिस्टेंस बना हुआ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद कच्चे तेल में तेजी आई है। ट्रम्प ने ईरान को शांति समझौते को लेकर चेतावनी दी थी, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई।

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