पंचायत और निकाय चुनाव की अंतिम तारीख तय, राजस्थान हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल 2026 का आदेश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 से पहले हर हाल में कराए जाएं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों चुनाव एक साथ कराए जाएं और परिसीमन की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी हो जाए।

निर्णय का संदर्भ:

  • यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने सुनाया।
  • फैसला गिरिराज सिंह देवंदा और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा सहित कई याचिकाओं पर दिया गया।
  • याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए पंचायत और निकाय चुनाव स्थगित किए।

राज्य में स्थिति:

  • राजस्थान में 6,759 पंचायतों और 55 नगर निकायों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
  • अधिवक्ता प्रेमचंद देवंदा के अनुसार, पंचायत का कार्यकाल 5 वर्ष पूरा होने के बाद चुनाव एक दिन भी स्थगित नहीं किए जा सकते। जो सरपंच कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक बने हैं, वे अब साधारण नागरिक हैं, इसलिए उन्हें प्रशासक के रूप में रखना गैरकानूनी है।
  • नगर निकायों में भी सरकार पर आरोप:
  • पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका पर अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने कहा कि 55 नगरपालिकाओं का कार्यकाल नवंबर 2024 में समाप्त हो चुका था, फिर भी सरकार ने चुनाव न कराकर अवैध रूप से प्रशासक नियुक्त किए।
  • उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा जैसी गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित नहीं किए जा सकते।

हाईकोर्ट का आदेश:

  • पंचायत और नगर निकाय चुनाव एक साथ कराए जाएं।
  • परिसीमन प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी हो।
  • राज्य सरकार को संवैधानिक दायित्वों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

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